लोगों के मोबाइल पर एसएमएस आ गया कि कोविड का टीका आपको सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है और स्वास्थ्य विभाग ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिना वैक्सीन लगाए ही लोगों को प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन सेन्टर से टिका लगाया ही नहीं गया उससे पहले ही लोगों के मोबाइल पर एसएमएस आ गया कि कोविड का टीका आपको सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है और स्वास्थ्य विभाग ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
गौरतलब हो कि भारत सरकार के हेल्थ एंड वेलफेयर मंत्रालय की ओर से जारी इस प्रमाण पत्र में वैक्सीन लगने वाले का नाम, पता और आधार कार्ड नंबर के साथ वैक्सीन लगाने का स्थान यूनिट हैल्थ आईडी रेफरेंस आईडी व लगाने वाले का नाम सेंटर का नाम भी दिया गया है। लोग सेंटर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर थक चुके हैं। पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं उनको समझ नहीं आ रहा कि अब उनको कैसे वैक्सीन लगेगी।
जिले की बैकुन्ठपुर निवासी युवक के मोबाइल पर एसएमएस आया कि वैक्सीन की दूसरी डोज आपको सफलतापूर्वक लगा दी गई है। और उनके मोबाइल पर प्रमाण पत्र भी आ गया। वैक्सीनेशन में भी भारी गड़बड़ी सामने नजर आई जहां पर बैकुन्ठपुर बाजारपारा निवासी अनमोल गुप्ता ने अपना वैकिसीनेशन कराने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जिसके बाद उसे 3 जनवरी को दोपहर 3 से 6 के बीच जिला अस्पताल में वैक्सीनेशन के लिए मैसेज दिया गया । इस दिन शाम 5 बजे निर्धारित समय के भीतर जब अनमोल गुप्ता वैक्सीनेशन के लिए जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर पहुंचे तो वैक्सीनेशन सेंटर में कोई नहीं था और वह बिना वैक्सीनेशन के ही घर वापस लौट गये। बाद में उसके मोबाइल पर बाद में उसके मोबाइल पर वैक्सीनेशन सफलतापूर्वक लगाने का मैसेज आ गया।
बाद में उनके पिता अजय गुप्ता ने सोशल मीडिया व कलेक्टर कोरिया को पत्र लिखकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है इस तरीके का पहला मामला नहीं है लगातार पिछले 1 साल से हम इस बात को लेकर के लगातार आवाज उठाते रहे किंतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समेत जिला अस्पताल एवं बीएमओ के द्वारा ऐसे ही मामलों को लेकर अस्पताल कर्मचारियो के द्धारा हम पर मामले तक दर्ज करा दिए गए । किंतु जिला अस्पताल की व्यवस्था नहीं सुधरी । दूसरी और एक बार फिर इस तरीके की लापरवाही के मामले सामने आया ।
इसके बाद अब देखना है कि कोरिया कलेक्टर इस पर क्या कार्रवाई करते हैं क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी बीते 1 साल से वैक्सीनेशन को लेकर अपनी आंखों पर पट्टी बांधे हुए बैठे हैं । जहां पर वैक्सीन वाहक समेत ऐसे कई गैर प्रशिक्षित लोगों से वैक्सीनेशन सेंटर में काम लिए जा रहे हैं जिन्हें इनका कोई अनुभव नहीं है । इस संबंध में युवक के पिता ने कोरिया कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ऐसे लापरवाह लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है उन्होंने यह भी कहा कि जब जिला मुख्यालय में इस तरीके का हो रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कर्मचारियों एवं विभाग के द्वारा न जाने क्या-क्या किया जा रहा होगा ।
जहां पर न तो लोग आवाज उठाने के लिए सामने आते हैं और न ही इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर पाते हैं । इसलिए बेहतर यह होगा कि इस तरीके का मामला सामने आने के बाद अब इस पर कोरिया कलेक्टर के द्वारा वैक्सीनेशन में लगातार हो रही लापरवाही पर कड़ी एवं कठोरतम कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए एवं ऐसे अधिकारी जो ऐसे लोगों की ड्यूटी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाते हैं उन्हें भी कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत कर ओ इस प्रकार की लापरवाही को सख्ती से रोका जा सके।
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