लगातार बढ रहा कोरोना……….फिर भी नियम कायदें ताक पर……………

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Baikunthpur @ Tahkikat News

विगत दिनों में बैकुंठपुर जिला अस्पताल कि 3 महिला डॉक्टर कोरोन से संक्रमित हो गई । जिसके बाद आने वाले दिनों में डॉक्टरों सहित अन्य मेडिकल स्टाफो के बड़े मात्रा में संक्रमित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं पर दूसरी और बैकुंठपुर नगर पालिका में विगत दिनों में 5 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो गए। जिसके बाद सभी को सभी संक्रमितो को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया। वहीं दूसरी ओर कोरिया कलेक्टर के वर्क फ्रॉम होम के आदेश का किसी भी कार्यालय में गंभीरता से पालन नहीं किया जा रहा है। जिले के लगभग सभी जिला कार्यालय अपनी पूरी क्षमता से संचालित हो रहे हैं किंतु जिस तरह कोरोना का संक्रमण लोगों को धीरे-धीरे अपने जाल में जकड़ता रहा है। उसे देखते हुए काम के साथ सावधानी व सतर्कता बेहद जल्द नजर आ रही है वहीं दूसरी ओर शहर में कोरोना नियमों के पालम में सोशल डिस्टेंसिंग गायब है तो मास्क को लेकर भी लोगों में कोई गंभीरता दिखाई नहीं पड़ रही । शहर में बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं और इस दौरान उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि यदि इस प्रकार के विचरण पर कोई रोक नहीं लगाई गई तो फिर आने वाले दिनों में महामारी हर घर में मौजूद होगी । जिसे रोकना या संभालना प्रशासन के लिए बेहद ही कठिन होगा । बेहतर होता कि बाजार एवं कार्यालयों को नियमों के तहत संचालित किया जाता और यदि सभी दफ्तरों एवं बाजार के प्रतिष्ठानों को पूर्व की तरह जिला प्रशासन द्वारा कड़े निर्देश दिए जाते । उसके उपरांत यदि उसमें कोताही नजर आती तो फिर जिला प्रशासन आगामी दिनों में और कठोर कदम लेता । वर्तमान परिस्थिति में जिस तरीके से कोरिया जिला मुख्यालय कोरोना पाबंदी से न के बराबर नजर आ रही है उसे देखते हुए महामारी को समुदाय स्तर पर जाने से कोई नहीं रोक सकता ।

विभाग की सलाह की न करें अनदेखी

जिस प्रकार से कोरोना पॉजिटिव की तादाद जिले में बढ़ती जा रही है उसे देखते हुए विशेषज्ञों ने कई किस्म की सावधानी बरतने की सलाह लोगों को दी हैं । लगातार लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे वहीं पर इनके संपर्क में आए लोग भी तुरंत जाच सेंटरों में जाकर अपनी जांच करा ले रहे । इस संबंध में जिले के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. प्रिंस जायसवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना पॉजिटिवो के संपर्क में आने पर लोग तत्काल जांच ना कराए । बल्कि 3 से 7 दिन तक का कम से कम इंतजार करने के जाच कराये। अन्यथा संपर्क में आने वाले लोग नेगेटिव होने की मुगालते में संक्रमण को लगातार लोगों तक पहुॅचाते रहेंगे। इसलिए बेहतर होगा कि लोग इस बात को समझें और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दी जा रही सलाहो को गंभीरता से लें।

अघोषित तीसरी लहर से रहें सावधान

कोरोना की तीसरी लहर को सरकार ने अधिकृत तौर पर मान्यता तो नहीं दी है किंतु कोरोना की रफ्तार जिस तरीके से पूरे देश में नजर आ रही या अघोषित रूप से तीसरी लहर क कही जाएगी । इस दौरान यह भी बात लगातार सामने आ रही है कि इस लहर में कम उम्र के बच्चे एवं युवाओं पर कोरोना से ज्यादा नजर आ रहा है जिसे देखते हुए बैकुंठपुर स्थित जिला अस्पताल में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नजर आ रही है । इस दौरान जहां विगत वर्ष में जिला अस्पताल में दो चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर थे वहीं पर बीते दिनों में एक डॉक्टर के द्वारा इस्तीफा दे दिए जाने के बाद वर्तमान में जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ तौर पर सिर्फ एक डॉक्टर ही हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन को आने वाले दिनों में बीमारी की गंभीरता और डॉक्टरों की कमी के मद्देनजर वर्तमान समय में अपनी वैकल्पिक व्यवस्था बना लेनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बड़ी परेशानी से बचा जा सके।

कलेक्टर ने वर्कफ्राम होम के दिये आदेष

कोविड 19 के संक्रमण एवं रोकथाम हेतु कार्यालयों के संचालन एवं अन्य विषयों के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जिसके अनुसार जिले के अंतर्गत संचालित समस्त जिलाध्यक्ष कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में मास्क एवं सेनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करेंगे। साथ ही शासकीय कार्यालयों में आवश्यकतानुसार वर्क फा्रम होम पध्दति से कार्य संचालन हेतु कर्मचारियों की न्यूनतम उपस्थिति सीमित कर सकेंगे।
जिले के निजी संस्थानों एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठान, केंद्र शासित कार्यालय जैसे बैंक, डाकघर, बीमा कंपनी इत्यादि में भी आवश्यकतानुसार वर्क फा्रम होम पध्दति से कार्य संचालन हेतु कर्मचारियों की न्यूनतम उपस्थिति सीमित कर सकेंगे। समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को जिन्हें वैक्सीन नहीं लगा है को लगवाना अनिवार्य किया जायेगा। समस्त अधिकारी-कर्मचारी कोविड 19 के रोकथाम हेतु समय समय पर जारी किए गए दिशा निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे ताकि समाज में एक आदर्श पेश हो सके जिससे सकारात्मक संदेश मिले। भीड़ वाली स्थान से पूर्णतः परहेज किया जाये। इसके अतिरिक्त यथासंभव सभी बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं।

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