हेटेरोट्रॉफिक प्रेगनेंसी के अनोखे मामले में महिला को शहडोल मेडिकल कॉलेज रिफर….

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Baikunthpur @ Tahkikat News

6 वे महिने में महिला पहुॅची अस्पताल, महिला की उम्र 26 वर्ष

करोडो में एक होनी वाली घटना जिले में एक बार फिर घटी जहा पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में अत्यंत ही आश्चर्यचकित मामले में गर्भवती महिला जोकि पेशाब में खून की परेशानी लेकर भर्ती हुई थी। जिसे तत्काल ही उसका इलाज प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अभया गुप्ता द्वारा शुरू कर सोनोग्राफी करवा कर पथरी या अन्य समस्या के कारण तो यह नहीं हो रहा है। उसके परिजन तुरंत ही सोनोग्राफी के लिए लेकर गए जहां पर बीएमओ तथा सोनोलॉजिस्ट डॉक्टर आरके रमन द्वारा उसकी सोनोग्राफी की गई और यह पता चला कि उसके गर्भ में एक स्वस्थ बच्चा पल रहा है और साथ ही उसकी पेशाब की थैली में अलग से एक और बच्चा स्थित है जोकि मर चुका है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभया गुप्ता के द्वारा यह बताया गया कि यह घटना अत्यंत ही दुर्लभ है तथा कई लाखों प्रेगनेंसी में एक में पाई जाती है

इसे हेटेरोट्रॉफिक प्रेगनेंसी कहते हैं क्योंकि इस समस्या का पहचान समय पर हो पाई, इसलिए मरीज को बीमारी के इलाज हेतु पेशाब की थैली (यूरोलॉजिस्ट )के डॉक्टर के पास समय से उच्च संस्थान में 102 महतारी एक्सप्रेस के द्वारा रिफर कर दिया गया। कुछ बीमारियां हम अगर समय पर समझ जाएं तो किसी भी होने वाली अप्रिय घटना को टाला जा सकता है। इसी प्रकार पिछले 7 महीनों में लगभग 5 सर्वाइकल कैंसर व 4 ओवेरियन कैंसर के मरीज की डायग्नोसिस बनाकर रायपुर भी भेजा जा चुका है तथा जिनका वहां इलाज चल रहा है। सभी बीमारियों का इलाज हर जगह पर संभव नहीं है परंतु समय से पता चल जाने पर मरीज व उसके परिजन के पास यह समय रहता है कि वह उच्च संस्थान तक पहुंच सके तथा मरीज की जान बच सके । यह सब संभव तभी हो सकता है जब महिलाएं स्वयं का ध्यान रखें तथा समय से दिखाने आवे और सभी सलाह को माने। अतः सभी महिलाएं एवं गर्भवती महिलाएं समय पर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखावे तथा उनकी सलाह अनुसार अपना इलाज करवाएं।

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