जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और अधोसंरचनाओं की समीक्षा की। जिला चिकित्सालय में मेडिसिन और स्त्रीरोग जैसे 33 मामलों में मरीजों को रेफर किये जाने पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने पूरे स्वास्थ्य अमले को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करें। रेफेरल के संबंध में जिला चिकित्सालय की टीम आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करते हुए सुधार करे और विशेष ध्यान दे। मरीजों के प्रति संवेदना रखें और सहृदयता के साथ पेश आएं जिससे ज़रूरतमंद लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
कलेक्टर ने हर सप्ताह तुलनात्मक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की प्रगति का अवलोकन किया जा सके। ओपीडी और आईपीडी के मामलों में भी संतोषजनक आंकड़े न दिखने पर कलेक्टर श्री शर्मा ने संवेदनशीलता के साथ काम करने की नसीहत दी।
शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य रखें
विकासखण्ड एवं स्वास्थ्य केंद्र वार संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लक्ष्य रखें। जिला चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने प्रत्येक बीएमओ से रिपोर्ट ली। उपस्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव प्रकरणों में उल्लेखनीय प्रगति ना देखते हुए कलेक्टर ने फटकार लगाई। उल्लेखनीय है कि अप्रैल से दिसंबर 2021 तक जिले में 8 हज़ार 943 संस्थागत प्रसव कराये गए हैं। जो कुल प्रसव मामलों का 99 प्रतिशत है। कलेक्टर ने मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं के प्रसव से पूर्व (एएनसी) चेकअप व समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम के जिले में संचालन की विकासखण्डवार समीक्षा कर सुधार एवं प्रगति हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पोषण पुनर्वास केंद्रों में 90 प्रतिशत से कम ना हो संख्या
कलेक्टर श्री शर्मा ने बच्चों के सुपोषण और बेहतर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों में बच्चों के लिए खुशनुमा वातावरण बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों की संख्या 90 प्रतिशत से कम ना हो। और बच्चों को लाने के लिए रोस्टर निर्धारित किया जाए। पोषण पुनर्वास केंद्रों में माताओं को भी बच्चों के पोषण की जानकारी दी जाए। कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था चौकस रहनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर संबंधित बीएमओ और बीपीएम पर कार्यवाही की जाएगी।
बीएमओ एवं बीपीएम बैकुण्ठपुर को नोटिस देने के निर्देश-
स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर कलेक्टर ने सभी विकासखण्डों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की समीक्षा की। इस दौरान प्रत्येक मानदंड में बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के आशा अनुरूप प्रदर्शन ना होने पर कलेक्टर ने बीएमओ एवं बीपीएम बैकुण्ठपुर को नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य स्वास्थ्य सबसे संवेदनशील विषय है इसलिए प्रत्येक स्वास्थ्य अमले को पूरी निष्ठा के साथ काम करने की जरूरत है। बैठक में सीईओ जिला पंचायत कुणाल दुदावत, सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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