कोरिया जिले के शून्य से पांच वर्ष तक के लाखो से ज्यादा बच्चों को पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत पोलियो की खुराक 27 फरवरी को पिलाई जाएगी । इसके लिए राज्य स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार किया जा चुका है। तैयारियों को अंतिम रूप देने लिए जिले में टास्क फोर्स की बैठक 22 फरवरी 2022 को आयोजित की जाएगी । साथ ही विकासखंड स्तर पर भी तैयारी जारी है। कोई कमी ना रहे इसके लिये निगरानी टीम नियमित रूप से बैठकें कर रही हैं । गौरतलब हो कि जनवरी के आखरी महिने में होने वाला पल्स पोलियो अभियान एक महिने देर से कोरोना के कारण कराया जा रहा है।
क्यों जरूरी है पोलियो की खुराक
पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को कमजोर कर बच्चे को अपंग भी बना सकती है और कई मामलों में इसके कारण मौत भी हो जाती है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है। उन्हें कई रोगों से बचाने के लिए उनका सही समय पर टीकाकरण बहुत आवश्यक है। शिशु के जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को टीकाकरण के माध्यम से कई रोगों से बचाया जा सकता है। ऐसे ही रोगों में से एक है पोलियो, छोटे बच्चों में पोलियो का इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत अधिक होता है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित पांच साल से छोटे बच्चे होते हैं। इन सबसे बचने के लिए बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं ।
यह है उद्देश्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मार्च 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था लेकिन पोलियो के खतरे को देखते हुए भारत सरकार अभी भी वर्ष में एक बार पल्स पोलियो का अभियान चला रही है ताकि भारत में पोलियो मुक्त की स्थिति बनी रहे।
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