क्षेत्र में अब गर्मी का एहसास होने लगा है। बाजारों में कूलर पंखे ऐसी सजने लगे हैं। फागुन माह के लगते ही ठंड की विदाई और गर्मी का आगमन होने लगा है। वहीं, अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। दोपहर में गर्मी का अहसास होने लगा है।
वहीं पेड़ों पर पतझड़ शुरू हो गया है। फरवरी के तीसरे सप्ताह से मौसम में बदलाव हुआ। पहले बादल वाला मौसम बना और आंधी-तूफान शुरू हो गया। धूप खिलने के बाद वातावरण में गर्म हवाएं चलने लगी। तेज धूप व गर्मी बना रहा। दोपहर में पारा 31 डिग्री पर पहुॅच गया है। वहीं रात में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री पर है ।
बेमौसम बारिश दलहन-तिलहन के लिए नुकसानदायक
24 फरवरी को दोपहर बाद मौसम बदलने के साथ 10 से 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई। बारिश से सड़क भीग गया। बमौसम हुई बारिश से खेतों में तैयार दलहन-तिलहन फसल भीग गया, ऐसे में तिवड़ा, मूंग, सरसो की कटाई दूसरे नही हो पा रहा है। जबकि तेज धूप से फसल सूखने के बाद अब कटाई योग्य हो गए हैं। वहीं, चना फसल पर इन दिनों फूल व फल लगने लगा है।
बेमौसम बारिश चना फसल के लिए काफी नुकसानदायक है। वहीं फसलो पर फल-फूल लगने के समय बारिश होने पर कीट-प्रकोप शुरू हो जाता है, ऐसे में अब बारिश चना फसल के लिए नुकसानदायक है। जबकि इस साल धान फसल के लिए बेमौसम बारिश फायदेमंद साबित हो रहा है। के एहसास के साथ ही दो दिन पूर्व बूंदाबांदी बारिश से क्षेत्र के किसानों में नुकसान की संभावना बनी हुई है ।
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