रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध की आड में कोरिया जिले के किराना व्यापारियो ने एक बार फिर कोरोना काल के बाद कालाबाजारी की दुकान खोल दी है। विगत 2 सालो से कोरोना में बेरोजगारी और मंहगाई की मार झेल रही जनता पर एक बार फिर से होली से ठिक पहले लोगो पर महंगाई की मिलाईले छोडी जा रही हैं। आम लोगो के अनुसार युद्ध की आंच बताकर खाद्य तेलों को हफ्ते भर के अंदर 20 रुपये लीटर तक की बढ़ाकर बेचा जाने लगा है। बैकुन्ठपुर में 140 से 145 रुपये लीटर में बिक रहे खाद्य तेल 160 से 165 रुपये बेचा जा रहा है। साथ ही 180 रुपये लीटर में बिकने वाले खाद्य तेल इन दिनों 200 रुपये लीटर पार हो गए हैं। वही पर कारोबारियों का कहना है कि युद्ध के चलते खाद्य तेलों की आवक प्रभावित हुई है, जबकि बाजार में मांग काफी ज्यादा बनी हुई है। इसका असर ही कीमतों में देखने को मिल रहा है।
फल्ली व सरसो तेल 200 सौ रुपये पार
इन दिनों फल्ली तेल व सरसों तेल 200 रुपये लीटर हो गए हैं। इसी प्रकार सोयाबीन 165 रुपये लीटर, पामोलीन 155 रुपये लीटर तक बिक रही है। चिल्हर में जहां खाद्य तेल 20 रुपये लीटर महंगे हुए हैं, वहीं पेटी में 300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। बाजार के हालात देखते हुए कारोबारियों द्वारा भी स्टाक भी सोच समझकर मंगाया जा रहा है।
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