कोटाडोल को तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र में हर्ष की लहर
सविप्रा उपाध्यक्ष भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो की मेहनत रंग लाई है। बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट अभिभाषण में कोटाडोल को जैसे ही तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा की जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र कोटाडोल में हर्ष की लहर दौड़ गई। इसके लिए वनांचलवासियों ने मुख्यमंत्री एवं विधायक कमरो के प्रति आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए उनके जिंदाबाद के नारे लगाए।
विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि प्रदेश के बजट में संवेदनशील एवं जन-जन के प्रिय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संपूर्ण प्रदेशवासियों को एक से बढ़कर एक सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा है। विधायक ने कहा कि कोटाडोल को तहसील का दर्जा बहुप्रतीक्षित मांग थी, जिसे पूरा कर मुख्यमंत्री ने वनांचलवासियों की भावनाओं की कद्र की है। अब यहां के लोगों को तहसील संबंधी कार्यों के लिए भरतपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
इससे राजस्व संबंधी कामकाज में गति आएगी। वहीं विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर सरकारी कर्मचारियों को बजट में सबसे बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन लागू होने से 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त 3 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। पुरानी पेंशन योजना लागू होने से आने वाले एक दशक तक सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं होगा। उल्टे 16 सौ 80 करोड़ रूपए सालाना की बचत होगी। यह वह रकम है जिसे राज्य शासन अंशदायी पेंशन यानी नई पेंशन स्कीम में अपने पास से देती है।
पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब कर्मचारियों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती नहीं होगी साथ ही पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ फंड की सुविधा भी मिलेगी। जीपीएफ के ब्याज पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा अब रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को पेंशन प्राप्त करने जीपीएफ से कोई निवेश भी नहीं करना पड़ेगा। विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि बजट में सौगातों की झड़ी लगाने वाले प्रदेश के मुखिया ने युवाओं के लिए भी पिटारा खोला और व्यापम तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल होने वाले राज्य के अभ्यर्थियों से अब किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिए जाने की घोषणा कर युवाओं को बड़ी राहत प्रदान की। इससे राज्य के बेरोजगार युवाओं पर परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
वहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व में घोषित 4 नए जिलों को भी बजट में शामिल किया है। इससे अब चारों नवोदित जिले शीघ्र अस्तित्व में आ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विधायक निधि में इजाफा कर 4 करोड़ निर्धारित कर दिया है। इससे अब विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में इसका सदुपयोग कर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। बजट में जनप्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी की गई है। जनपद पंचायत अध्यक्षों का मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है। वहीं वहीं जनपद पंचायत उपाध्यक्षों का मानदेय 4 से बढ़कर 6 हजार व जनपद पंचायत सदस्यों का मानदेय 15 से बढ़कर सीधे 5 हजार प्रतिमाह कर दिया गया है। विधायक कमरो ने जनहितकारी बजट के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तहेदिल से आभार व्यक्त किया है।
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