प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बैकुंठपुर में गत दिवस राजयोगिनी दादी ह्रदय मोहनी जी के प्रथम पुण्यतिथि पर वेदांती तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष, मनीष ठाकुर पार्षद, स्कूल पारा , साधना जायसवाल पार्षद, बाजार पारा ,डॉ गौरव कांत बड़ेरिया होम्योपैथिक चिकित्सक, बी.के.रेखा बहन ब्रह्माकुमारीज बैकुंठपुर की संचालिका, बी.के.पार्वती बहन ब्रह्माकुमारीज विश्रामपुर की संचालिका ओ.पी.अवधिया, शारदा गुप्ता आदि शामिल हुए ब्रम्हाकुमारी पार्वती बहन ने बताया कि यह उस सागर्द की कहानी है जिस की परवरिश स्वयं परमपिता शिव ने की और उसे बना दिया आम से खास इस धरा पर ईश्वरीय ज्ञान का सर्व मनुष्यात्माओं तक पहुंचाने के निमित्त साकार माध्यम दादी हृदय मोहनी जी एक अलौकिक दिव्य शक्ति संपन्न ,बाल ब्रह्मचारिणी और तपस्विनी थी । 9 वर्ष की अल्पायु में शोभा नाम की कन्या ने हैदराबाद सिंध में अपने माता जी के साथ ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त किया तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साकार संस्थापक ब्रह्मा बाबा के सानिध्य में अपने आध्यात्मिक जीवन को प्रारंभ किया पिता श्री ब्रह्मा बाबा के अलौकिक जीवन से प्रेरित होकर आपने अपना संपूर्ण जीवन विश्व परिवर्तन के कार्य के लिए समर्पित कर दिया तब से आप हृदय मोहनी जी के नाम से जाने गये।
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