कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के छिदडाढ और तलवापारा के सरहदी क्षेत्र में एक निजि मकान में विगत 5 वर्शो से संचालित शराब दुकान के आसपास का मैदान कचरा घर बन गया है। यहां प्रतिदिन नशेड़ी खुलेआम शराब पीकर हुड़दंग करते नजर आते हैं जिस पर रोक लगाने वाला या कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। मामले में संबंधित आबकारी व पुलिस विभाग उदासीन बना हुआ है। इससे आसपास क्षेत्र का माहौल अशांत होते जा रहा है। ज्ञात हो कि शहर में अंग्रेजी व देशी शराब दुकान एक ही जगह पर संचालित हो रही है। यहां शराब लेने के बाद शराबी दुकान के बाहर ही शराब पीते रहते हैं। पीने के बाद वे गाली-गलौच के साथ गंदी हरकतें करते हैं।
शराब दुकान नही हटाया गया तो करेंगे जन-आंदोलन
इस संबंध में भाजपा नेता एवं पूर्व बैकुन्ठपुर नगरपालिका उपाध्यक्ष सुभाष साहू सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने लगातार इसके विरोध में उचित फोरम में शराब दुकान हटाने के लिए शिकायते करते आ रहे हैं। किंतु अब तक सुनवाई नहीं हुई जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसान एवं जमीन मालिक बेहद परेशान हैं। यही कारण है कि उन्हें अब प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू गुहार लगानेे विवश होना पड़ा। पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष ने कहा कि जिस तरीके से लोगों के खेतों को बंजर बनाया जा रहा है उसे किसी वितरण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है एवं लगातार उस क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं जिसे रोकने के लिए हर हाल में शराब दुकान को हटाना होगा अन्यथा आने वाले दिनों में ग्रामीणों के द्वारा शराब दुकान हटाने को लेकर जन आंदोलन किया जाएगा।
डिस्पोजल सामग्रियो का रायता पूरे क्षेत्र में
शराबी अपने साथ पानी पाउच, डिस्पोजल व अन्य खाद्य सामग्री लेकर आते हैं और दुकान के बाहर मैदान में ही बैठकर पीते हैैं। जहां बैठकर पीते हैं वहीं लोग बोतल, प्लॉस्टिक डिस्पोजल सहित अन्य कचरा मैदान में फैला कर चलते बनते हैं। इससे मैदान के साथ आसपास का इलाका इलाका कचरे से पट रहा है। मामले में आबकारी विभाग से कार्रवाई नहीं होने के कारण शराबियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए बनी मुसीबत
लोग दुकान के पास शराब पीने के बाद गाली-गलौच के साथ हुड़दंग करते दिखते हैं। वहीं पास के खेत में महिला खेती कार्य में लगे हुए होते हैं। शराबियों की इन हरकतों से आसपास के लोग परेशान हैं। शराब पीने के बाद खाली बोतल, डिस्पोजल, झिल्लियां खेत में फेंक देते हैं जिससे उन्हें सफाई करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। इस माहौल से खासकर महिलाओं को अधिक परेशानी हो रही है।
पीओ और शराब की बोतल किसानो के खेतो में फोडो
वर्तमान में गेहू कटाई का सीजन आने वाला है। शराबी पीने के बाद खाली बोतलों को खेत में फोड़ कर फेंक दे रहे हैं। आसपास के खेत मालिक इससे खासे परेशान है। टूटे कांच के टुकड़ों से मजदूरों को जख्मी होने का खतरा बना हुआ है। खेतों में काम के दौरान थोड़ी भी असावधानी की तो हाथ-पैरों के कटने का खतरा बना रहता है।
कचरा एक जगह हो इसके लिए नहीं की व्यवस्था
गौरतलब हो कि जबसे दुकान संचालित किया जा रहा है, तो आबकारी विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि सफाई की व्यवस्था भी खुद करे। कचरा लोग एक जगह डाले इसके लिए कचरा पेटी रखे। पर यहां पूरी लापरवाही आबकारी विभाग की दिख रही है। अधिकारियों की उदासीनता से शराबियों की हरकतें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। खुलेआम कचरा फैला रहे हैं। जब अन्य दुकानदारों पर कचरा फैलाने पर कार्रवाई की जाती है, तो शराब दुकान के मामले में भी वही कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे पीने वालों को सबक मिले।
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