तंबाकू सेवन, अस्वस्थ आहार सेवन, अनियमित जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता और शराब के सेवन से हृदय रोग होने का खतरा बढ़ रहा है। जबकि इन मुख्य कारकों पर नियंत्रण किया जाए तो 80 प्रतिशत हृदय रोग संबंधी मामलों को कम किया जा सकता है। इसी दिशा में जन-जागरूकता लाने के लिए प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाया जाता है । इस मौके पर हृदय से संबंधित बीमारियों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया जाता है । इस वर्ष ‘कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ फॉर एवरीवन’ थीम पर विभिन्न प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस संबंध में उप संचालक (एनपीसीडीसीएस) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ के द्वारा पत्र जारी कर दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत में हृदय से संबंधित रोगों से लगभग 28.1 प्रतिशत लोगों की मृत्यु प्रतिवर्ष हो रही है, जो गंभीर विषय है, ऐसे में हृदय रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम काफी अहम और कारगर हैं।
विश्व हृदय दिवस कार्यक्रम के लिए राज्य एनसीडी सेल द्वारा निर्देशित किया गया है, कोविड-19 के समस्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर हृदय स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत अस्पताल, स्कूल-कालेज आदि में हृदय रोग के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्वस्थ भोजन पर भी लोगों जागरूक किया जाएगा।
इस संबंध में कोरिया में स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार डॉ.प्रिंस जायसवाल ने बतायाः तम्बाकू, शराब व इस तरह के अन्य मादक पदार्थों को त्याग कर संयमित जीवन शैली, स्वस्थ आहार, योगा को दिनचर्या में शामिल करने पर हृदय रोगों से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। इस दिशा में जन-जागरूकता के लिए जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं जिले में 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला मुख्यालय के साथ ही ब्लॉक मुख्यालयों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी पीएचसी, सीएचसी में लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। वहीं जिला अस्पताल में ईसीजी की व्यवस्था भी रहेगी।
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