टीबी मुक्त कोरिया….कलेक्टर और सीईओ ने एक-एक टीबी मरीज की मदद की ली जिम्मेदारी

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Baikunthpur @ Tahkikat News

जिले को 2023 तक टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कोरिया विनय कुमार लंगेह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता जैन ने पहल करते हुए एक-एक टीबी मरीज को सहभागिता स्वरूप पोषण आहार /फूड बास्केट देने के लिये सहयोग प्रदान करने की अनुमति दी है। साथ ही उन्होंने अपील की है कि जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, शासकीय एवं निजी संस्थानों, और औद्योगिक संस्थानों, कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) शासकीय सेवकों और जन सामान्य के योगदान के जरिए टीबी मरीजों के उपचार में मदद करने के लिये अपील की है ।
इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस सेंगर ने बतायारू “जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर जिले में सतत प्रयास जारी है। इसी कड़ी में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता जैन ने पहल करते हुए एक-एक टीबी मरीज को गोद लिया है, टीबी मरीजों को सहयोग प्रदान करने की अनुमति दी है। टीबी मरीजों के स्वस्थ होने का मूल मंत्र समय पर दवाई और पोषण आहार है।”
आगे उन्होंने कहा,’’राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त किया जाना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ‘’टीबी मरीज के लिये सामाजिक सहयोग’’ (कम्युनिटी सपोर्ट टू टीबी पेशेंट) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। जिसका उद्देश्य टीबी मरीजों के उपचार एवं पोषण आहार में समुदाय की सहभागिता तथा मरीजों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है । सामाजिक योगदान के जरिए टीबी के उपचार में मदद करना है। इनके द्वारा विकासखंडों और शहरों के वार्ड, टीबी मरीजों समूह को गोद लेकर प्रेरित किया जाना है जिससे मरीज टीबी की जांच, उपचार, पोषण आहार आदि के प्रति अधिक जागरूक हो एवं निदान सेवाओं तक सुगमता से पहुंच पाए। इस प्रयास से बीमारी के संबंध में फैली हुई सामाजिक भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया जाना है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि टीबी मरीजों को दवाइयों के अतिरिक्त बेहतर पोषण आहार की भी सहायता दी जानी है ।
कोरिया जिले को टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक प्रदान किया गया है। वर्तमान में जिले में 521 टीबी संक्रमित मरीज पंजीकृत है। गोद लेने वालों को एक शपथ भी दिलाई जाएगी जिसमें ‘’हम कम से कम प्रति मरीज को छह माह या उपचार अवधि तक पोषण आहार/फूड बास्केट के लिये सहायता प्रदान करेंगे।

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