घुमंतू बच्चों का जीवन सुधारने 38 को किया रेस्क्यू……मिलेगा शिक्षा व रोजगार के प्रशिक्षण

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BAIKUNTHPUR   @  Tahkikat News ### ASHOK SINGH 

बाल संरक्षण समिति द्धारा गत दिनो रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और स्टेशन में नाच-गाना करने, भिक्षा मांगने वाले, घुमंतू और नशे की गिरफ्त में आ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, खानपान और रोजगारमूलक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे जब वयस्क हों तो बेहतर रोजगार या नौकरी करके अपना गुजर-बसर कर सकें और स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में योगदान दे सकें।

जिला बाल संरक्षण समिति कोरिया इकाई द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति के सदस्यों ने रेलवे स्टेशन में रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत कार्रवाई की और स्टेशन परिसर में भीख मांगते घूम रहे बच्चों की पहचान की। कार्रवाई के दौरान पता चला कि इनमें से कुछ बच्चे नशा भी करते हैं और दिनभर स्टेशन परिसर में ही गुजारा करते हैं। गत एक महिने में करीब 38 बच्चों को रेस्क्यू ऑपरेशन में जिला बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में जिला कार्यक्रम अधिकारी व जिला बाल संरक्षण समिति के सचिव के मार्गदर्शन में समिति के अनेक सदस्यों ने घुमंतू बच्चों की पहचान की।

मिलेगा शिक्षा व रोजगार मूलक प्रशिक्षण

गौरतलब है कि मार्च में घुमंतू बच्चों को बाल गृह भेजे गए बच्चों का जीवन संवारने के लिए उन्हें प्राथमिक स्तर की शिक्षा दी जाएगी और नशे से मुक्ति दिलाने के उपाय भी किए जाएंगे। साथ ही 18 साल की उम्र तक होने तक उन्हें रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे अपनी रोजीरोटी कमा सकें। इस दौरान उम्र में फिट बैठने वालो बच्चो को लाईवलीवूड में प्रषिक्षण का इंतजाम किया जायेगा।

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