रेत माफियाओं को प्रशासन और खनिज विभाग ने खुली छूट दे रखी है। यही वजह है कि रेत माफिया नदियों का सीना चीरकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। बिना रायल्टी के रेत बेचकर शासन को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। मगर खनिज उड़नदस्ता के द्वारा कभी कभार परिवहन में लगे वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की औपचारिकता निभाई दी जाती है। जबकि रेत घाटों में उत्खनन में लगे वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिलेमें वर्तमान में एक भी रेत खदान का लीज नही हुआ है बैगर इसके धडल्ले से उत्खनन माफिया इसका कार्य जोरो पर कर रका है।
जिले के गेज नदी सहित अन्य सहायक नदियों के रेत घाटों को रेत खनन के लिए ठेका में दिया गया था। मगर इन रेत घाटों का ठेका कुद का अक्टूबर तो कुछ का जनवरी मध्य महीने में समाप्त हो चुका है। मगर चार माह बाद भी टेंडर नहीं निकाला गया। इस दौरान बंद घाटों से माफियाओं के द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जाता रहा। पिछले दिनों नए घाटो के लिए टेंडर निकाला गया है।
अधिकारियो के सह पर हो रहा काम
इससे साफ जाहिर होता है कि रेत उत्खनन खनिज विभाग के अधिकारियों के सह पर हो रहा है। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उत्खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में अधिकारियों के हाथ कांप रहे हैं। रेत ठेकेदार यदि बिना रायल्टी के नदी से उत्खनन कर रेते बेचेंगे ही नहीं तो परिवहन भी नहीं होगा। अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है बल्कि रायल्टी लेकर रेत परिवहन कर रहे वाहनों को जब्ती बनाया जा रहा है।
चिरमी में जगह बदल कर निकाल रहे रेत
वर्तमान में क्षेत्र में रेत की जरुरत का अधिकांश हिस्सा चिरमी के गेज नदी से निकाल कर पूर्ति की जाती है जिसका सिलसिला आज भी जारी है। अब इन रेत माफिआओ के द्धारा चिरमी के माझापारा, सेमरपाराहाई स्कूल के बगल के रास्ते का उपयोाग कर रेत निकाला जा रही है। जानकार ग्रामिणो की माने तो प्रतिदिन 30 मिनी हाईवा और 40 से 50 टैक्टर रेत इस जगह से ले जाया जा रहा है। कुछ ग्रामिणो ने बताया कि इसमे कानून की रक्षा करने वाले विभाग के लोग भी रेत का उत्खनन करवा रहे है और वो चिरमी के ही रहने वाले भी बताये जा रहे हैं।
रेत माफिया अधिकारियों की सेंटिग
जिले में रेत माफिया जिला प्रशासन के अधिकारियों पर भारी पड़ रहे हैं। अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई केवल दिखावे के लिए की जा रही है जिसके कारण बेखौफ होकर रेत माफिया खनन और ट्रांसपोर्टर परिवहन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना इन घाटों से रात हो या दिन हो बड़ी मात्रा में रेत उत्खनन कर बेचा जा रहा है। जबकि इन घाटों का ठेका समाप्त हो चुका है। दरअसल ज्यादातर रेत घाट का ठेका कांग्रेसियों के पास था और राज्य में कांग्रेस की सरकार भी है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई करने अधिकारियों के हाथ पांव कांप रहे हैं। राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी खुलेआम हो रहे रेत उत्खनन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
शासन को लगा रहे चुना
रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि बंद रेत घाटों से रेत का खनन किया जा रहा है। जिले के नदियों के रेत घाटों को रेत खनन के लिए ठेका में दिया गया था। रेत माफिया बिना रायल्टी के रेत बेचकर शासन को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। वहीं खनिज व राजस्व विभाग के अधिकारी जानकारी के बाद भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। रायल्टी लेकर रेत का परिवहन कर रहे वाहनों को जब्त किया जाता है। जबकि उत्खनन कार्य में लगे वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
अक्षय पात्र बना डंपिंग यार्ड
जिले मंे रेत ठेकेदारों के रेत डंप करने की जगह में रेत की मात्रा कभी नहीं घटती। खनिज विभाग द्वारा उन्हें निर्धारित मात्रा में रेत डंप करने की अनुमति दी जाती है। मगर वे निर्धारित मात्रा से अधिक रेत डंप करके रखे हैं। कई ठेकेदार एक से अधिक स्थानों पर रेत डंप करके रखेे हैं। इनमें से रेत की बिक्री रोज होती है बरसात में खनन पर प्रतिबंध है पर डंपिंग स्थान में रेत की मात्रा जस की तस रहती है। खनिज विभाग द्वारा जिले में संचालित रेत ठेकेदारों को निर्धारित मात्रा में रेत डम्प करने की अनुमति दी गई है, मगर विभागीय उदासीनता के चलते रोजाना रेत घाटों में ठेकेदार अवैध उत्खनन कर मनमाने ढंग से रेत डंप कर रहे हैं। जिले के नदियों के रेत घाट में अवैध खनन जोरों पर है।
पूर्वमंत्री ने दी चेतावनी
पूर्वमंत्री व भजपा के कददावर नेता भैयालाल राजवाडे ने रेत से हो रहे अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि ठेकेदार को मिली ठेके की अवधि समाप्त हो गई है। इसके बाद भी ठेकेदार के द्वारा अवैध रूप से किया जा रहा है। पूर्व इससे पहले मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की थी । मगर इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदी आने वाले दिनो में अवैध रेत उत्खनन पर रोक की कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में क्षेत्र की जनता के साथ भाजपा आंदोलन करेगी।
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