भीषण गर्मी में पक्षियों का जीवन बचाने के लिए कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में गौरक्षा वाहिनि के जिलायक्ष अनुराग दुबे ने दाना-पानी की व्यवस्था किया है। इस भीष्ण गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। भीषण गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है।
ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके। इन दिनो घरों की छत और बाड़ी में पक्षियों की संख्या बढ़ गई है। अनुराग दुबे कहते हैं कि लगातार रिकार्ड तोड़ गर्मी के इस कोहराम से पशु पक्षी का जीवन खतरों से गुजर रहा है।
इसमें मुख्य रूप से वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण पर पूर्ण रूप से काबू नहीं पा रहे है। दिन को जल गर्म हो जाता है जिसे पक्षी ग्रहण नहीं कर पाते। नदी तालाबों का जल निर्मल एवं कंचन हो जाता है। भीषण गर्मी को देखते हुए बैकुन्ठपुर ने बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का इंतजाम करने का अभियान शुरू कर दिया। यह अभियान घरों घर चलाया जा रहा है। घर, बाग बगीचा, स्कूल मैदान में पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था की जा रही है। इससे गर्मी में पक्षियों को आसानी से पानी और दाना मिल सकेगा।
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