तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर में सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल एक जून से लगातार जारी है। बुद्धवार को इनको जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कर्मचारी संघ रायपुर एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कर्मचारी संघ अम्बिकाुर ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है। जिससे सहकारी समिति के कर्मचारियो को नैतिक बल मिलेगा। जिला सहकारी बैंक संघ ने कहा इनके जायज मांगों के लिए हड़ताल जैसा कदम उठाना कर्मचारियों की मजबूरी है। यही कारण है कि प्रदेशभर में आंदोलन किया जा रहा है।
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के द्वारा अपनी तीन सूत्रिय मांगो के लेकर गत 01 जून से प्रदेश भर में अनिश्चितकालिन हडताल पर चले गये । जिसका असर कोरिया जिले समेत पूरे प्रदेश में नजर आ रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने इसके लिए बैंक कर्मचारी संघ का आभार जाताया है। इस हडताल के लिए विवश होने का कारण गिनाते हुए उन्होने शासन से पुनः अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार से कहा कि वो हमारी मांगो पर साहनभूतिपूर्वक विचार करें कि प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाए।
सरकारी कर्मचारी की भांति नियमित वेतनमान दिया जाए। सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। प्रदेश के सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों के रिक्त पदों पर समिति के समस्त कर्मचारियों को संविलियन के माध्यम से किया जाए व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाये । इससे पूर्व छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ एवं छत्तीसगढ सहकारी कर्मचारी संघ ने भी अपना पूर्ण सर्मथन देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संगठन के द्वारा समिति में कार्यरत समस्त कर्मचारियों का नियमितीकरण सरकारी कर्मचारियों की भांति वेतन व समितियों में सीधी भर्ती और रोकथाम के मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है जो सही और जायज है।
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