कंडक्टर का लाइसेंस नहीं बनवाया तो बस का परमिट रिन्यू नहीं होगा

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यात्री बसों का संचालन करने के लिए अब चालक के साथ ही परिचालक को लाइसेंस बनवाने को जरुरी करने के शासन के आदेश के बाद अब विभाग ने इसे लिए कडाई करना शुरु कर दिया है। अब बिना वह किसी भी बस में सहयोगी के रूप में काम नहीं कर सकेगा। जून माह के बाद से जांच के दौरान पकड़े जाने पर बस मालिक से जुर्माना वसूल किया जाएगा। हालांकि अभी इनके साथ ही बसों का संचालन करने के लिए नया परमिट, उसका नवीनीकरण और उसमें संसोधन नहीं किया जाना है। यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार और वसूली की घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ और एआरटीओ को इसके निर्देश दिए हैं। फिटनेस जांच के दौरान इसके दस्तावेजों की अनिवार्य रूप से जांच करने कहा गया है। ताकि बिना लाइसेंस परिचालक का काम करने वाले पर सख्ती से रोक लगाई जा सकें ।

30 दिन में देना होगा लाइसेंस

आवेदन करने के 30 दिन के भीतर परिचालक लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसे बनवाने के बाद संबंधित आवेदनकर्ता को स्थानीय आरटीओ कार्यालय सूचना में सूचना देनी होगी। यह निर्माण की तिथि से यह 3 वर्ष के लिए वैध होगा।

करना होगा ऑनलाइन आवेदन

जिला परिवहन दफ्तर के सारथी डाट परिवहन डाट जीओवी डाट इन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा होगा। साथ ही शैक्षणिक योग्यता का प्रमाणपत्र, दो फोटो, आधार कॉर्ड, चिकित्सा प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, सिविल सर्जन या जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र की फोटो कापी और मोबाइल नंबर के साथ ही 100 रुपए का शुल्क जमा करना पड़ेगा।

अब तक 40 बसो की हुई जॉच


परिवहन परिवाहन विभाग के द्वारा विगत दो दिनो में शहर के न्यू प्रतिक्षा बस स्टैंड बैकुन्ठपुर में बसों के आकस्मिक जांच की कार्यवाही की गई। जिसके तहत बसों का टैक्स, परमिट, फिटनेस, बीमा, पीयूस, किराया सूची, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र इत्यादि की जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी बस आपरेटर के खिलाफ चालानी कार्यवाई नही गई है। जबकि शासन के तय नियमो के अनुसार बस चालक का ब्रेथ एनालाइजर मशीन से भी चालको की जांच किया जाना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि यात्रियों को अधिक किराया न देना पड़े। इसके लिए सभी बसों में यात्री सूची लगाने निर्देशित किया गया।

बसों में खामियो की भरमार


खामियों को दूर करने शिविर में जाच कराने की हिदायत दी गई। इस दौरान जो वाहन पूर्ण रूप से फिट पाया जायेगा उन वाहनों पर स्टीकर चस्पा किया जाना है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप वाहन में जीपीएस, स्पीड गर्वनर, प्रेर्शर हार्न, आपातकालीन खिड़की, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाइल नंबर, फर्स्ट ऐड बॉक्स, भी देखा जायेगा।

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