झारखंड बिहार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश चलने वाली बसें निर्धारित दर से अधिक वसूल रहे किराया
जिले में जिस तरह से बस मालिक आम यात्रियों के साथ व्यवहार कर रहे हैं इससे यात्री परिवहन विभाग के अधिकारियों की नाकामी के कारण बेबस दिख रहा है प्रतिदिन दर्जनों बसें एमसीबी जिले एवं मध्यप्रदेश के शरहदी बस स्टैंड से निकलती हैं लेकिन इनके द्वारा अपनी बसों में किसी भी तरह का किराया सूची नहीं लगाया गया है और मनमाने तरीके से यात्रियों से वसूली करते हैं कई बार यात्रियों और कंडक्टर के बीच विवाद भी होता रहता है लेकिन समस्याओं से बचने के लिए आम आदमी कानून का सहारा नहीं ले पाता यही वजह है कि बस मालिक मनमानी करने में उतारू है। बस यात्रियो की माने तो विदित हो कि बैकुंठपुर से रांची का किराया बस मालिक द्वारा ₹900 लिया जा रहा है वही पटना का किराया भी ₹800 लिया जा रहा है यहा से पटना की दूरी करीब साढ़े साऐ पॉच सौ किलो मीटर है, वही रांची की दूरी 450 किलो मीटर लगभग है। दोनो स्थानो की लगभग रांची 150 किलो मीटर कम है ।
बावजूद इसके नियम विरुद्ध तरीके से अवैध वसूली कर रहा है, इसी प्रकार रायपुर की दूरी मात्र 330 किलोमीटर है जिसका किराया लगभग ₹800 लीया जा रहा है बनारस भी लगभग 380 किलोमीटर है उसका किराया भी ₹700 लिया जा रहा है, प्रयागराज की दूरी लगभग 450 किलोमीटर है उसका भी किराया लगभग ₹800 दिया जा रहा है बस मालिक मनमानी कर रहे हैं एजेंट और कंडक्टर चांदी काट रहे हैं मनमाना किराया वसूल कर अपना 10 परसेंट कमा रहे हैं बस एजेंटों का लगातार यही कोशिश रहता है कि अधिक से अधिक किराया वसूला जाए और उसमें 10 परसेंट काटा जाए जितना अधिक पैसा वसूल लेंगे उतना अधिक कमीशन मिलेगा इस व्यवस्था के कारण भी एजेंट अधिक से अधिक पैसा वसूलने की फिराक में रहते हैं बस मालिक कंडक्टर और एजेंट मजे में है और उधर आम जनता शासन प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद में तंगदस्ती के दौर से गुजर रही है महंगाई चरम पर है ऊपर से यात्री बसों के मनमानी से लोगों मैं और भी परेशानी बढ़ गई है, परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आम जनमानस में रोस व्याप्त है।
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