पी.सी.एन.डी.टी. एक्ट के प्रावधानों का पालन सभी सोनोग्राफी सेंटर में सुनिश्चित करें- कलेक्टर

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कलेक्टर कोरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पी.सी. एण्ड पी.एन.डी.टी. एक्ट के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सोनोग्राफी सेंटरों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिये। उन्होनें बैठक में निर्देशित किया कि पी.सी.एन.डी.टी. एक्ट का पालन सभी सोनोग्राफी सेंटर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता है। यह एक बेहद महत्वपूर्ण अधिनियम है। इसके अंतर्गत नियमों का उल्लघंन न हो।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में सोनोग्राफी केन्द्रों एवं पंजीकृत संस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर नवीन पंजीयन, वैधता, फार्म-एफ में जानकारी संधारण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फार्म-एफ का ऑनलाईन एवं ऑफलाईन दोनों स्थितियों में अद्यतन संधारण सुनिश्चित करें। कोरिया जिले में 02 शासकीय एवं 04 निजी कुल 06 सोनोग्राफी संस्था पंजीकृत है। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एस. सेंगर, जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजेन्द्र बंन्सरिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिंस जायसवाल, लीगल एक्सपर्ट ध्रुव कश्यप सहित जिला सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित थे।
पी.सी.एण्ड पी.एन.डी.टी. एक्ट-1994-पूर्व-गर्भाधान और पूर्व प्रसव निदान तकनीक अधिनियम क्या है- गर्भधारण से पहले या बाद में, लिंग चयन के निषेध के लिए और अनुवांशिक असामान्यताओं या मेटाबोली संबंधी विकारों या क्रोमोसोमल असामान्यताओं या कुछ जन्मजात विकृतियों का पता लगाने के प्रयोजनों के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीकों के विनियमन के लिए एक अधिनियम है। लिंग अवधारण के लिए एैसी तकनीकों के, जिनके कारण स्त्री लिंगी भू्रण वध हो सकता है, दुरूपयोग के निवारण तथा उससे जुडे़ या प्रासंगिक मामलों के लिए यह अधिनियम बनाया गया है।

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