बैकुन्ठपुर समेत वनांचल में पिछले कई दिनों से जिस तरह से मौसम में बदलाव हो रहा है उससे सावधान रहने की जरूरत है। दिन में तेज धूप के साथ ही के साथ बरसात में तापमान में भी उतार चढाव जारी है। साथ ही तेज धूप और नमी में सेहत के प्रति जरा सी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर लोगों को सेहत के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
वायरस और संक्रमण के दिनो में जरा सी सर्दी, खांसी, गले मे खराश, जुकाम होने पर लोगों मे बीमार होने का डर बना है। इससे बचाव के लिए कोरिया जिले के डीपीएम डॉ. प्रिंस जासवाल ने बताया कि ओपीडी में बढते मरीजों में आधे से अधिक बच्चों के साथ-साथ संख्या बड़ों की भी मौसमी बीमारियों की है। किसी को तीन-चार दिनों से सर्दी – खांसी या बुखार आ रही है तो कोई गले में खराश से परेशान है। ऐसे में खानपान के साथ ही सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
इन दिनो में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों पर बदलते मौसम का असर ज्यादा होता है। एसी-कूलर चलाकर सोने से बचना चाहिए। फ्रिज का पानी पीना भी बीमारी बढ़ा सकता है। जरूरत के हिसाब से गुनगुना पानी ही पीएं तो बेहतर होगा। मौसमी फलों, सब्जियों का सेवन करना चाहिए। तीन दिन से अधिक बुखार हो तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। गले मे खराश, सर्दी, खांसी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें
डेंगू, मलेरिया से रहे सावधान
इस समय डेंगू, और मलेरियो में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। डॉ प्रिंस के अनुसार डेंगू में जोड़ों में दर्द, सिर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, तेज बुखार, कभी कभी उल्टी होना भी लक्षण है। इसके अलावा चिकनगुनिया में शरीर में दाने आ जाते हैं, खुजली भी होती हैं। इस तरह के लक्षण दिखने पर लोगों को तुरंत डॉक्टर को दिखाकर जांच कराने की जरूरत होती है।
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