67 किलो गांजे की बडी खेप सहित तीन तस्करो को पुलिस ने दबोचा…….

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कोरिया पुलिस ने गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन गांजा तस्करों को 67 किलोग्राम गांजे की बडी खेप समेत गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर सोमवार को एक सफेद रंग की कार सीजी 10 ए आर 8126 में गांजा जोकि रामानुजनगर जिला सूरजपुर की ओर से आ रहा था। इसके लिए पुलिस ने पहले से ही टीम बनाकर कूड़ेली मोड़ के पास से घेराबंदी कर पकड़ने में सफलता प्राप्त की। वाहन में जिन तीन गांजा तस्करों को पकड़ा गया है उसमें महबूब खान निवासी हाईस्कूल सरभोका, गोलू यादव निवासी मंडलपारा, बैकुन्ठपुर, राज लाल उर्फ संतोष दास निवासी जूनापारा सरभोका के कब्जे से एक प्लास्टिक की बोरी में भूरे रंग के टेप में लपेटा हुआ गांजा तथा एक काला रंग के बैग में पैकेटो में भरे गांजे जिसका वजन 67 किलोग्राम व कीमत 13 लाख 40 हजार के आसपास बताई जा रही है एवं वाहन जिसकी कीमत लाख व ₹40000 कीमत की मोबाइल को अपने कब्जे में लिया। इस तरह पकड़े गए सामानों की कुल कीमत लगभग 20 लाख बताई गई। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया । इस पूरी कार्रवाई के दौरान लवंग सिंह रघुनाथ राम भगत विमल जयसवाल नवीन साहू अरविंद कौल रामायण सिंह सजल जयसवाल अजीत राजवाड़े संदीप राय राजेश्वर साहू मौजूद रहे । संपूर्ण जानकारी को कोरिया पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी गई ।

हर तरफ फैला हैै नशे का जाल


शहर का कोई भी मोहल्ला नशे की लत से अछूता नहीं रह गया है। हर तरफ नशे की खुलेआम बिक्री हो हो रही है। जिले में हर जगह नशा करने वाले और नशा बेचने वालों का जाल फैला है। इधर के सैकड़ों नाबालिग लड़के और युवक स्मैक, गांजा, सुलेसन, नशीली गोलियों और इंजेक्शन की लत में तबाह हैं। नशे का आलम यह है कि तमाम नशेड़ियों के हाथों में इंजेक्शन लगाते रहने से अनगिनत सुराख हो गए हैं। वे दिन रात नशे में पड़ेे रहते हैं। ऐसे लोग परिवार के लिए भी बोझ बन चुके हैं।

ग्रामीण इलाकों में भी नशेड़ियों की भरमार

शहर ही नहीं, ग्रामीण अंचल में भी नशेड़ियों की भरमार है। ऐसे युवक नशे की तलब ठंडी करने के लिए चोरी-चकारी और लूट की घटनाओं को भी अंजाम देने से भी नही हिचकिचाते हैं। नशेड़ियों की जमात में न सिर्फ गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के युवक शामिल हैं बल्कि धनाढ्य घरानों के बिगड़ैल लड़के भी शामिल हैं। वे नशे के लिए गांजा, स्मैक, खांसी की सिरप तक पी रहे हैं।

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