प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मददेनजर अफवाह, फेक न्यूज़ का बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने पुलिस मुख्यालय ने इंटरनेट मीडिया मानिटरिंग को निर्देश दिए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले फेक न्यूज, हेट स्पीच, अफवाह, इंटरनेट मीडिया में फैलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि सोशल साइट्स पर फर्जी न्यूज, वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया। वहीं सोशल मीडिया पर मानिटरिंग के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने जिले के एसपी को दिया है।
जिसमें भड़काऊ पोस्ट को लेकर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की एक विशेष टीम बनाई गई है। फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल साइट्स पर निगरानी रखी जा रही है। सूचना मिलने पर इनकी आईडी ब्लाक की जाती है। और संबंधितों पर कार्रवाई भी की जाती है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नजर रखने के लिए 25 से ज्यादा टूल किट्स और साफ्टवेयर हैं। इसमें टेलविंड, यूनियन मैट्रिक्स आडियंस कनेक्ट, सोशल मैशन, टाकवाकर खाडर सोशल, ब्रांडवाच की हाल, की वर्ड, डिजीमाइड आदि शामिल हैं। साइबर क्राइम यूनिट इंटरनेट मीडिया पर धार्मिक पोस्ट, जातिगत पोस्ट, राजनीतिक पोस्ट और जनप्रतिनिधियों के नाम से अपलोड किए गए पोस्ट पर एक्शन ले रही है। पुलिस अधिकारियों ने इस तरह के पोस्ट को फारवर्ड करने और कमेंट करने पर भी एक्शन लिया जा रहा है। सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला प्लेटफार्म फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम है, जिसका सबसे अधिक उपयोग होता है। इसकी निगरानी पुलिस हैशटैग और की वर्ड के माध्यम से करती है।
ashok singh

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