गत दिवस छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों के नियमितीकरण व वेतन अनुदान को लेकर विगत दिनों से निरंतर संघर्षरत रहने के बाद अपनी 3 सूत्री मांगों को लेकर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने विधानसभा का घेराव किया। इस सबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि हम इससे पूर्व 1 से 18 जून तक अनिश्चितकालीन आंदोलन भी कर चुके हैं जिस पर सहकारी सहकारिता मंत्री के आश्वासन एवं किसान के हित को ध्यान में रखते हुए मंत्री जी के कथनानुसार स्थगित की गई थी किंतु 1 माह व्यतीत हो जाने के उपरांत भी हमारी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। जिससे हम सब कर्मचारियों में निराशा है जिससे व्यथित होकर पुनः आंदोलन के लिए बाध्य हाना पडा।
अपने 3 सूत्रीय मांगों के संबंध में उन्होने बताया कि प्रदेश भर की 2058 सहकारी समितियों में विगत कई वर्षों से कर्मचारी अपने नियमितीकरण के अलावा वेतन अनुदान एवं सरकारी कर्मचारी की भांति वेतनमान दिए जाने की मांग वर्षाे से करते आ रहे हैं। और प्रदेश की समितियों में भर्ती प्रक्रिया को पूर्णता समाप्त कर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति देते हुए रिक्त पदों पर समितियों के कर्मचारियों का समायोजन किया जाए । किंतु देखने में आ रहा है कि हमारी मांगों को शासन के द्वारा लगातार अनसुना किया जा रहा है।
हम बताना चाहेंगे कि हम सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को 32 लाख किसानों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं किसानों को वर्मी कंपोस्ट खाद, 0 फिसद ब्याज पर केसीसी ऋण, खाद, बीज व राशन वितरण तथा छत्तीसगढ़ शासन की अति महत्वपूर्ण कार्य राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को समितियों के कर्मचारियों के द्वारा ही अंजाम दिया जाता है । विधानसभा घेराव के दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, महासचिव अरुण बेहरा, प्रांतीय संयोजक भोला राम यादव, संरक्षक विजय कोसरे, जयराम वर्मा, कार्तिक राम साहू, नर्मदा देवांगन, विनय सिंह, कोषाध्यक्ष मनीराम केवर्त , सेवक राम साहू सहित प्रदेशभर से सहकारी समितियों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
ashok singh



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