भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन मामले को लेकर बनाए गए नए कानून के विरोध में वाहन चालक वर्ग सडक़ों पर उतर आया है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के नये प्रतिज्ञा बस स्टैंड में 3 दिवसीय सांकेतिक हडताल से पहले ही बस स्टैंड में बसो बेहद कम चली जिससे आज से ही यात्रियो के सामने परेशानी खडी होने लगी। रविवार से ही बसो के चालको ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी है। इस दौरान केन्द्र की भाजपा सरकार के नये कानून से बेहद नाराज स्थानिय चालकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक यह कानून वापिस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
घर के किचन के चूल्हे भी हो जायेगे बंद
जबकि शनिवार शाम से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं आने की बात पंप संचालक कर रहे हैं। अब आगे भी टेंकरो की आने की संभावना न के बराबर है। वही पर इससे गैस की सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है। जिससे आने वाले दिनो में घरो के किचन में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
नही करेंगे वाहन चालक का काम
ड्राइवरो का कहना है कि केंद्र सरकार कानून में संशोधन किया है। जिसमें अगर सडक़ हादसे के बाद चालक मौके से भागता है तो उसे 10 साल की कैद व सात लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जबकि वाहन चालक 10 से 12 हजार रुपए नौकरी पर काम करते है। मोदी सरकार ने इतना सख्त कानून बना दिया है। अगर किसी से कोई सडक़ हादसा होता है तो चालक कहां से इतना भारी जुर्माना अदा करेगा। चालकों के पास अगर लाखों रुपए होते तो क्या वह किसी के पास 10-12 हजार रुपए में नौकरी करते।
मौके से न भागे तो गंवाये जान
सडक़ हादसे के दौरान भीड़ के प्रकोप से बचने के लिए चालकों को वहां से भागना पड़ता है। सरकार ने कानून तो बना दिया है, लेकिन कानून बनाते समय वाहन चालकों के हितों को नहीं देखा गया। ट्रक चालक सुरी, प्रदीप, सुरेश सहित सभी वाहन चालको का कहना है कि केंद्र सरकार के इस कानून को वापस लेने तक ट्रक चालकों की हड़ताल जारी रहेगी और इसी तरह पेट्रोल डीजल की सप्लाई के साथ-साथ रसोई गैस की आपूर्ति को भी पूरी तरह बंद किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में भाजपा और मोदी को देंगे जवाब
देश के विभिन्न हिस्सों में डीजल, पैट्रोल व गैस की ढुलाई करने वाले टैंकर-ट्रक ड्राइवरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार को ये ड्राइवर देश में हड़ताल पर बैठ गए है। ड्राइवरो का कहना है कि मोदी की केंद्र सरकार ने जो कानून बनाया है जिसमें हादसे के बाद फरार होने वाले ड्राइवर पर 7 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है वह चालकों के हित में नहीं है। यदि ड्राइवर वहां से न जाए तो भीड़ उसका क्या हाल करेगी, इसका अंदाजा भलीभांति लगाया जा सकता है। मोदी सरकार के खिलाफ वाहन चालको का कहना है कि हम आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा और मोदी को इसका जवाब जरुर देंगे।
हादसा कोई भी जानबूझकर नहीं करता
वाहन चालको का कहना है कि हादसा कोई भी जानबूझकर नहीं करता है। आखिर ड्राइवर इतना भारी-भरकम जुर्माना कैसे भरेंगे। पहले ही कई दिक्कतों का सामना कर रहे चालकों पर नया कानून बड़ा वज्रपात है। वे इस कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक उनकी मांगें मानते हुए इस कानून को रद्द नहीं किया जाता। तब तक न तो वे पैट्रोल, डीजल और गैस की ढुलाई करेंगे और न ही किसी प्रकार का सामान पहुंचने देंगे।
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