पिछले एक वर्ष से कोरिया जिले का डीपीएम पद लगातार सुर्खियों में रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार यह प्रचारित किया गया कि पुराने डीपीएम साहब बेहद भ्रष्ट एवं नाकारा किस्म के अधिकारी है और इसी बात को आधार बनाकर प्रदेश के स्वास्थ्य महकमें के मुखिया ने अनन-फानन में उनका ट्रांसफर कर दिया । इस बात को हुए लगभग 03 महीने बीत गए, अब कोरबा से कोरिया भेजे गये डीपीएम को स्वास्थ्य मंत्रालय ने भ्रष्टाचार मिटाने का कौन सा मंत्र देकर भेजा जिससे विभाग आमूल-चूल परिवर्तन हो जाये जिसका असर नजर नही आ रहा हे।

बगैर डाक्टरी पढे अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखने का शौख रखने वाले कोरिया जिले के डीपीएम अशरफ अंसारी को बैकुंठपुर आये 02 महीने होने जा रहे हैं । लगातार या खबर मिल रही थी कि डीपीएम साहब आफिस में नही रहते हैं पहले भी जानकारी ली गई थी तो डीपीएम साहब के हमेशा फील्ड विजिट पर होने की बात कही गई। उन्हे फोन लगाया गया तो जवाब मिला यही दिया गया। बुद्धवार को दोपहर हमने डीपीएम साहब दफ्तर में जाकर जानकारी लिया तो डीपीएम का कक्ष उनकी अनुपस्थिति को बया कर रहा था।

सीएचएमओ साहब बोले जल्द लगाई जायेगी हाजरी मशीन

डीपीएम के अनुपस्थित रहने के सबंध मे जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि डीपीएम साहब बाहर से आई टीम को अस्पताल विजिट करा रहे हैं। वहीं पर उन्होंने यह भी कह दिया की बहुत जल्द मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय समय पर खुलने और बंद हो यह सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन जल्द ही लगाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर का यह बयान ना कहते हुए भी अपने ही विभाग की कार्यशैली को बयां करने के लिए काफी है।

अन्यकर्मी भी समय पूर्व हो जाते हैं गायब

एक डीपीएम साहब ही नहीं उनके अधीनस्थ कई कर्मचारियों के संबंध में भी यह लगातार शिकायतें रही है कि वह दफ्तर देर से जाते हैं और 04 बजे के बाद ऑफिस से रवाना हो जाते है। अब देखना होगा कि मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी कि यह बात सिर्फ प्रलाप बनकर रह जाती है या मूर्त रूप भी लेती है।

जिला अस्पताल में हाजरी मशीन नही चलने दी गई

बैकुंठपुर स्थित जिला अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली को जैसे तैसे लगवा तो दिया गया था किंतु जिले के दो-दो कलेक्टरों के एड़ी चोट-चोटी का जोर लगाने के बावजूद भी बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली को जिला अस्पताल बैकुंठपुर में कारगर नही हो पाया। जिला अस्पताल में एक सप्ताह से ज्यादा यह मशीन कार्य नहीं कर पाया। उस समय पूरा जिला अस्पताल इसके लिए वर्तमान डीपीएम के पीछे लग गया और लामबंद होकर डीपीएम की शिकायत जिला अस्पताल के सभी कर्मी मिलकर स्वास्थ्य मंत्री से करने तक पहुॅच गये थे।

जिला अस्पताल पहुॅचा न. 01 से गर्त में

यह बात स्वास्थ्य महत्व के लिए काफी चिंता करने वाली बात है कि विभाग के लोग आखिर चाहते क्या है। घर में मरिज को देखना शासन के तय समय पर अस्पताल नही आना और मनमानी करना। यही कारण है कि 5 साल पहले बैकुंठपुर का जिला अस्पताल क्षेत्र में नंबर 01 से आज सिर्फ रिफर सेंटर बनकर रह गया है। देखना होगा कि जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अपने दफ्तर में बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन को लगवाने के बाद मशीन से हाजिरी कब तक ले पाते हैं।

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