गिरते भूजल को रिचार्ज करने सोक पिट व कंटूर ट्रेंच जैसी जल संरक्षण संरचनाओं को बनाने पर जोर

जल है तो कल है उसी तरह वन है तो जीवन है इसी संकल्पना के साथ कोरिया जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी अमृत सरोवरों के तट पर पौधरोपण किया गया। जिले के कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में अमृत सरोवरों के तट पर जनसहभागिता के साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारी कर्मचारियों ने पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य कार्यालय द्वारा इस वर्ष स्वच्छ हरित ग्राम की संकल्पना को लेकर स्वच्छता के साथ हरियाली को प्रोत्साहित करने संबंधी पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार लंगेह ने इस तारतम्य में 5 जून से 12 जून तक कोरिया जिले के समस्त अमृत सरोवरों में अभियान चलाकर पौधारोपण कराए जाने के निर्देष जारी किए हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत और बैकुण्ठपुर के समस्त 54 अमृत सरोवरों के तट पर जनपद सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और अन्य जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर फलदार पौधों का रोपण किया और उनकी सुरक्षा के साथ पर्यावरण बचाने के लिए संकल्प भी लिया। इस पौधारोपण कार्याक्रम में ग्रामीणों ने भी आगे बढ़कर हिस्सेदारी निभाई। साथ ही सभी अमृत सरोवरों के आस पास साफ सफाई करते हुए ग्रामीणों ने अपने सरोवरों की स्वच्छता और पौधों से संरक्षण और संवर्धन के लिए शपथ ली।
जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष ने बताया कि खेती व अन्य उपयोग के लिए निरंतर भूजल का दोहन हो रहा है इससे बचाव के लिए भूजल का रिचार्ज अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह के अंर्तगत कोरिया जिले के सभी ग्राम पंचायतों में अभियान चलाकर भूजल को रिर्चाज करने के लिए सोक पिट र्निमाण, कंटूर ट्रेंच जैसी जल संरक्षण करने वाली संरचनाओं को बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि आने वाले मानसूनी बारिश का ज्यादा से ज्यादा जल भूजल में परिवर्तित किया जा सके। उन्होने कहा कि इसके लिए सभी जनपद पंचायतों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर र्निमित भवनों के भी छतों में गिरने वाले बारिश के जल को भी भूमिगत जल में बदलने के लिए संरचनाएं बनाने के लिए ग्राम स्तर पर जनजागरूकता फैलाई जा रही है। रासायनिर्क उवरकों के उपयोग से मिटटी की संरचना कड़ी हो रही है इसके लिए मृदा संरक्षण हेतु जैविक कचरे के सही निपटान और उससे बनने वाली वर्मी कंपोस्ट खाद के ज्यादा से ज्यादा उपयोग के लिए भी आम ग्रामीणों को किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होने आम जनों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक कोरिया वासी इस सप्ताह कम से कम एक फलदार पौधा लगाएं और उसे बचाकर वृक्ष बनाएं तो जल्द ही हम हरित कोरिया के संकल्प को पूरा कर सकेंगे। विदित हो कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंर्तगत कोरिया जिले के सोनहत और बैकुण्ठपुर जनपद पंचायतों के अंर्तगत कुल 54 अमृत सरोवरों को र्निमाण व संर्वधन किया गया है। जिसके तट पर पौधरोपण से हरित ग्राम अभियान प्रारंभ किया गया है। इन सरोवरों के र्निमाण से जल संर्वधन और संरक्षण के साथ स्थानीय जनों को इसका कई तरह से लाभ प्राप्त हो रहा है।

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