छत्तीसगढ़ का नया शिक्षा सत्र 16 जून के बजाय 18 जून से आरंभ हो रहा है। शिक्षा विभाग ने प्रवेश उत्सव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। 18 जून को राज्य जिले में प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह स्कूल, संकुल, विकासखंड और जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मई माह में ही प्रवेश उत्सव के लिए कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, जिला मिशन समन्व्यकों, सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिया गया था।
अब 18 से होगा प्रवेश उत्सव
जिले के सरकारी स्कूल 16 जून से खुलने थे किन्तु 16 को रविवार और मंगलवार को बकरीद की छुटटी के बाद मंगलवार 18 जून को प्रवेश उत्सव होगा। इसके लिए 10 जून तक स्कूलों की साफ-सफाई कराना और अगले तीन महीने की शैक्षणिक कार्यक्रमों का रोडमैप शिक्षक तैयार करने के आदेश दिये गये हैं। साथ ही शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया हैं।
प्रचार प्रसार करने के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में स्वच्छ और सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्कूल भवनों की मरम्मत तय समय पर करना है। प्रवेश उत्सव के लिए गांव-शहर में व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। इसके लिए पोस्टर, बैनर से प्रचार, रैलियों का आयोजन और शहरी वार्डों व गांवों के मुहल्लों में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश उत्सव स्कूल, संकुल, ब्लाक, जिला स्तर मनाया जाएगा। स्कूल खुलने से पहले डीईओ और बीईओ शिविर लगाकर शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे।
प्रवेश उत्सव से पहले दाखिले पर जोर
स्कूल शिक्षा सचिव ने जारी निर्देश में कहा है कि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त करें और प्रवेश दें। कक्षा पांचवीं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की सूची और टीसी प्रधान पाठक, प्राइमरी स्कूल से प्राप्त करें और स्वतरू छठवीं में प्रवेश दें। प्रवेश उत्सव में यह करना जरूरी स्कूल परिवार की ओर से जनप्रतिनिधि, स्कूल विकास समिति, अभिभावक और गणमान्य लोगों को बुलाया जाएगा। निशुल्क किताबें, यूनिफार्म, साइकिल वितरण के साथ-साथ विद्यार्थियों के स्वागत व आवभगत में उन्हें तिलक लगाना है। प्रवेश उत्सव में न्यौता भोज का आयोजन किया जाएगा।
मेधावी छात्रो व अभिभावकों का किया जाएगा सम्मान
बोर्ड व स्थानीय परीक्षा के मेधावियों का सम्मान और उत्कृष्ट अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव के लिए स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह, सेवानिवृत्त कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्तियों द्वारा बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कंपास बाक्स, स्कूल बैग आदि दिया जा सकता है।


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