अविश्वास प्रस्ताव 12-03 से हुआ पास, कांग्रेस के 08 पार्षदो में 05 ने किया बगावत
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ़ की सत्ता से बाहर होते ही कांग्रेस को नगरीय निकायों में भी लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनों में प्रदेश की अनेक नगर पंचायतों की तरह ही कोरिया जिले की शिवपुर-चरचा में भी शुक्रवार को हार का मुंह देखना पड़ा। दरअसल वहां आज अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनो दलो के सभी प्रमुख नेता मौके पर मौजूद रहे। भाजपा की ओर से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और पूर्वमंत्री व बैकुंठपुर विधायक भइया लाल राजवाडे तो कांग्रेस से पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, ब्लाक अध्यक्ष अजय सिंह नगर पालिका शिवपुर-चरचा में मौजूद थे।
शिवपुर-चरचा में कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष को इस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हार का सामना करना पड़ा। शिवपुर-चरचा में नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी नहीं बचा पाए कांग्रेसी। मिली जानकारी के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 12 और विपक्ष में पड़े मात्र 03 वोट।
शिवपुर चरचा नगर पालिका अध्यक्ष लालमुनि यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा कांग्रेस एक दूसरे पर कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगो रहे हैं। जहा तय समय के मुताबिक ही पार्षदो से वोटिंग कराया गया। कांग्रेसी पार्षदो का हाल तो यह रहा कि अध्यक्ष लालमूनि यादव के साथ वोटिंग करने 05 पार्षद गये थे उनमें से भी 02 ने उनके पक्ष में मतदान नही किया।
बीते 10 दिनो से चल रहे घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया। इससे पूर्व नगर पालिका शिवपुर चरचा की अध्यक्ष के खिलाफ भाजपा पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव लाया था। पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के संबंध कलेक्टर को पत्र दिया था जिस पर अपर कलेक्टर और पीठासीन अधिकारी ने 23 अगस्त की दोपहर 12 बजे नगर पालिका शिवपुर चरचा के सभाकक्ष में मतदान के लिए बुलाया गया था। वहीं मतदान को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर लिया था और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निबटने बडे पैमाने पर सुरक्षाकर्मियो को मौके पर भेज दिया था।
जिले में पहली बार आया अविश्वास प्रस्ताव
कोरिया जिले में किसी भी नगरियनिकाय में इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है। नगर पालिका शिवपुर-चरचा जिले का पहला निकाय है, जहां अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी की कुर्सी चली गई। 15 वार्डो वाले इस नगरियनिकाय के भाजपा के 05 पार्षद, कांग्रेस के 03 और 02 निर्दलीय पार्षद सप्ताह भर से अधिक समय से किसी गुप्त स्थान पर जाने की बात कही गई। जिसके बाद आज शुक्रवार को सभी पार्षद दोपहर 11.45 बजे सीधे नगर पालिका शिवपुर चचा पहुॅचे। जहा उन्हे कडी पुलिस सुरक्षा में सभा कक्ष ले जाया गया।
प्रदेश में सत्ता परिर्वतन के बाद पार्षदो की बदली आस्था
जिले के नगर पालिका शिवपुर-चरचा में 15 पार्षदो में 05 भाजपा, 02 निर्दलीय जबकि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत के 08 कांग्रेस के पार्षद थे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से कांग्रेसी पार्षदो की आस्था ने करवट बदली और आज परिणाम सामने है। जानकारो का कहना है कि कांग्रेस के पार्षदो का यह सारा खेल पैसे की बताई जा रही है। हालत यह रहा कि अध्यक्ष को छोड जो 04 पार्षद चरचा में रह कर अध्यक्ष के साथ कदमताल कर रहे थे उसमें से भी 02 पार्षद ने उनके खिलाफ वोट किया।
पास हुआ प्रस्ताव तो छह माह में चुनाव
जानकारो का कहना है कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाने के बाद सप्ताहभर के भीतर ही शासन की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा। जिसके छह माह के भीतर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के द्वारा कर दिया जाना है। हालांकि उसमें इतना समय नही लगेगा। यह साफ नजर आ रहा है।



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