एमसीबी से अगस्त के महिने में 110 मरिज बैकुंठपुर रेफर किये गये
बैकुंठपुर।
150 बेडो की क्षमता वाले जिला अस्पताल बैकुंठपुर में विगत कई महीनो से लगातार 200 से अधिक मरीजों की भर्ती रही है एवं जिला अस्पताल की क्षमता न होने के बावजूद भी इलाज किया जा रहा है। लगातार जानकारी मिल रही थी की एमसीबी जिले से बडी तादात में मिरिजो को जिला अस्पताल बैकुंठपुर के लिए रेफर किया जाता है। पहले से ही जिला अस्पताल बैकुंठपुर में कर्मियो का भारी कमी के साथ-साथ कांग्रेस के सरकार में जिला अस्पताल की बदतर हो चुकी व्यवस्था का से इलाज में बेपटरी हो गया ।
28 दिन में 110 मरिज बैकुंठपुर पहुॅचे
इस दौरान यह देखने में आ रहा है कि एमसीबी में स्वास्थ्य विभाग का पूरा सेटअप होने के बावजूद भी वहां से लगातार बड़ी संख्या में मरीजों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर के लिए रेफर किया जा रहा है। जिससे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के अतिरिक्त भार भी झेलना पड़ रहा है जोकि अस्पताल की क्षमता से बाहर बताई जा रहा है। रेफर केस में ज्यादातर गर्भवती महिलाऐ होती है जोकि प्रसव के लिए बैकुंठपुर भेजी जाती है। वहीं पर कई बार तो सामान्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है। अगस्त महीने में अब तक एमसीबी जिले से प्रसव के 45 मरिज, स्त्री रोग के अन्य 13 मरिज, इसके अलावा शिशु रोग से संबंधित 10, सर्जरी से संबंधित 21, अन्य बीमारियों से संबंधित 21 मरिजो को जिला अस्पताल बैकुंठपुर के लिए रेफर किया गया है। एमसबी जिले में पूरा सेटअप होने के बावजूद भी डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बैकुंठपुर का जिला अस्पताल अतिरिक्त भार झेलने को विवश है। बेहतर होता कि स्वास्थ्य मंत्री अपने जिले से रेफर होने वाले मरिजो को रोकने के लिए कठोर एवं ठोस कदम उठाये या फिर गंभीर मरिजो को सीधे मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर रेफर करें।
सीएमएचओ को फटकार रहा, बेअसर
विगत 6 महिनो से स्थानीय विधायक भइयालाल राजवाड़े की कोशिशें के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर में इलाज की व्यवस्था थोड़ी बेहतर हुई है किंतु अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। विधानसभा सत्र के दौरान उनके द्वारा मामला उठाई जाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया और सिविल सर्जन को भेजा गया। जिससे जिला अस्पताल में थोड़ी राहत विगत दो सप्ताह से रही है। इसी को लेकर महिने़े भर पहले बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे ने एमसीबी जिले के मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार भी लगाया था किंतु इसके बावजूद भी रेफर होने केसो में कोई सुधर नही हुआ। अपने मंत्री काल में इलाज वाले बाबा के नाम से मशहूर रहे श्री राजवाड़े लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिले इसके लिए हर संभव प्रयास आज भी करते नजर आ रहे हैं।
76 रिक्त पदो में मिले मात्र 03 पर मिली भर्ती
जिला अस्पताल बैकुंठपुर में 187 पद स्वीकृत है 111 कार्यरत हैं एवं 76 पद रिक्त है । विधानसभा में भईयालाल राजवाडे के द्धारा आवाज बुलंद करने के बाद पखवाडे भर पहले 3 रिक्त पदो भरा गया। जबकि 73 रिक्त पद अभी भी सवाल बने हुए हैं। इस दौरान जिन तीन पदो पर भर्ती की गई है उसमें जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया, गाइनेकोलॉजिस्ट एवं सिविल सर्जन है।
फैक्ट फाईल……
अगस्त माह के आंकडे
एमसीबी से बैकुंठपुर रेफर संख्या
प्रसव के 45 मरिज,
स्त्री रोग के अन्य 13 मरिज,
शिशु रोग से संबंधित 10 मरिज,
सर्जरी से संबंधित 21 मरिज,
अन्य बीमारियों के 21 मरिज
कुल संख्या – 110

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