बैकुंठपुर के कांदाबाडी में तीन दिनो से मौजूद 11 हाथियो के दल, विभाग सर्तक…किसानो की फसल रौदा, दहशत में ग्रामिण, पहले भी ले चुके कई हैं जान…जनहानी से बचने अधिकारी ग्रामिणो संग रतजगा करने को विवश

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बैकुंठपुर के कांदाबाडी में तीन दिनो से मौजूद 11 हाथियो के दल, विभाग सर्तक

किसानो की फसल रौदा, दहशत में ग्रामिण, पहले भी ले चुके कई हैं जान

जनहानी से बचने अधिकारी ग्रामिणो संग रतजगा करने को विवश

बैकुंठपुर।

कोरिया वन मण्डल के वनपरिक्षेत्र बैकुंठपुर में हाथियों के 11 सदस्यीय दल का आतंक जारी है। कोरिया वन मण्डल क्षेत्र में एक बार फिर 11 सदस्यीय हाथियों का दल आ गया है। हाथियों के द्वारा किसानों के फलसों को रौंदे जाने से यहां के किसानों को नुकसान नजर आ रहा है। हाथियों का दल लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन अमला ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दे रहा है। हाथियों का दल काफी बड़ा होने के कारण इस पर विभाग पूरी नजर बनाया हुआ है, ताकि कोई जनहानि ना हो सके। इस दौरान कोरिया वन मण्डल की डीएफओ प्रभाकर खलखो, उपवनमण्डलाधिकारी अखिलेश मिश्रा एवं बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र भगन राम खेस लगातार क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाये हुए है एवं लोगो को हाथियो के दल से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।

हाथी विचरण सुचना के सबंध कोरिया वन मण्डल बैकुंठपुर के उपवनमंडलाधिकारी अखिलेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरिया वन मण्डल के सर्किल बैकुंठपुर के बीट सलबा के कंक्ष क्रमांक 480 व 481 के कांदाबाडी में विगत तीन दिनो से मौजूद हैं। इससे पूर्व 12 नवम्बर की रात बैकुठंपुर वन परिक्षेत्र के मनसुख के पीपरहिया में सूरजपुर वन मण्डल के प्रेमनगर वन परिक्षेत्र से हाथी संख्या 11 हाथियो ने प्रवेश किया।

जबकि फसल हानि का आंकलन किया जा रहा है। बताया गया कि 7 से 8 किसानो की फसल का नुकसान हुआ है। गौरतलब हो कि वर्तमान हाथियो का दल गत 02 सितम्बर 2024 को कोरिया वन मण्डल से सूरजपुर वन मण्डल में गया था जो अब लौट है। आस पास के गाँव में मुनादी करा दी गई हैं लोगो को जंगल ना जाने की एवं हांथी के पास ना जाने की समझाइस दिया गया हैं। वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर के स्टॉफ द्वारा हांथियों की सतत निगरानी की जा रही है।

स्थानीय लोगो में हाथियों की दहशत

हाथियों का दल पहुंचने की खबर के बाद स्थानीय लोगो में दहशत है। वही वन अमले के द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी गई तथा क्षेत्र के जंगल में न जाने की समझाइश भी दी जा रही है। ताकि ग्रामीण हाथियों से सुरक्षित रहें। ऐसे में हाथी प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अपने से ज्यादा चिंता अपने फसलों को लेकर है। क्योंकि पक रही फसल को हाथियों के द्वारा रौंद दिया जाता है तो उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान होगा। वही पर इस स्थान पर पहले 5 वर्षाे में लगभग 5 लोगो की जान भी ले चुका है।

प्रतिवर्ष इस क्षेत्र में आता है हाथियों का दल

कोरिया वन मण्डल के बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र में आये दिन हाथियों का दल पहुंचता रहता है जिससे फसलों के साथ लोगों के घरों को नुकसान पहुंचने की संभावना होती है। 11 सदस्यीय हाथियों के दल कई दिनों तक विचरण करता रहता है। इस दल के तय रास्ते के अनुसार माना जा रहा है कि यह दल यहा से सोनहत होते हुए एमसीबी जिले बिहारपुर वन परिक्षेत्र में जाना संभावित है।

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