स्वस्थ व समृद्ध कोरिया बनाने में सबकी भागीदारी जरूरी-विधायक भईया लाल राजवाड़े
आदिवासी संस्कृति और इतिहास को जाने नई पीढ़ी-विधायक गोमती साय
कोरिया को विकास की नई सीढ़ी पर ले जाएंगे-कलेक्टर
बैकुठंपुर।
जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर जिला पंचायत, बैकुंठपुर के ऑडिटोरियम में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पत्थलगांव के विधायक व सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्रीमती साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा लगाए प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ’’पंडो हट्स’’ जाकर सेल्फी फ़ोटो ली, तो उन्होंने आदिवासी जनजाति के पारंपरिक आभूषण, खान-पान व दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
आदिवासी संस्कृति, परम्परा व इतिहास को जाने नई पीढ़ी
श्रीमती साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासियों के हित और विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। श्री मोदी ने आदिवासियों के गौरवगाथा को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के अलावा जनजाति समाज के महानायक थे। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति, परम्परा व इतिहास को जानना नई पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सब आदिवासी ही हैं। अंग्रेजों के फूट करो राज करो की नीति की वजह से हम सबको अलग-थलग करने का प्रयास किया। भारतीय संस्कृति की महत्ता पर भी श्रीमती साय ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कोरिया को स्वस्थ, शिक्षित व समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध
विशिष्ट अतिथि बैकुंठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े ने कहा कि बिरसा मुंडा आदिवासी समाज का ही नहीं सम्पूर्ण समाज के महानायक थे और इसी वजह से उन्हें धरती का भगवान का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के विकास के लिए नीति बनाते, छत्तीसगढ़ के विकास के लिए विष्णु देव साय काम कर रहे हैं तो विधायक के नाते कोरिया को स्वस्थ, शिक्षित व समृद्ध बनाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।
विकास की नई सीढ़ी की ओर ले जाने के लिए सबकी भागीदारी
कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि जिले की 60 प्रतिशत आबादी आदिवासी हैं और वन क्षेत्र हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया, ऐसे में यह अंचल यहाँ पर्यटन की आपार संभावनाएं से भरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले के 154 गांवों को शामिल किया गया है, जिसके तहत आदिवासी बहुल गांवों के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर स्थापित होंगे और होम स्टे के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जिले को विकास की नई सीढ़ी की ओर ले जाने के लिए सबकी भागीदारी का आव्हान भी किया।
इसके पहले मुख्य अतिथि का स्वागत आदिवासी नृत्य और पारंपरिक गीतों से की गई। श्रीमती साय इसकी सराहना की। जिला पंचायत के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की कला, संस्कृति, परम्परा और इतिहास सचमुच बेहद उत्कृष्ट है। जल-जंगल और जमीन की संरक्षण के प्रति जीवटता आदिवासी समाज में देखा जा सकता ळें
प्रतिभा का सम्मान और हितग्राहियों को सामग्री वितरण
इस अवसर पर शहीद परिवार के सदस्य श्रीमती रंजीता एक्का को श्रीफल शाल भेंट किया गया तो कुमारी रिया भगत, कुमारी प्रियंका लकड़ा एवं कुुमारी प्रिति को उत्कृष्ठ परीक्षा परिणाम लाने पर सम्मानित किया गया। इसके अलावा वनाधिकार मान्यता पत्रों का हितग्राहियों को वितरण किया गया ।


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