जनता को ऑनलाइन ठगी से बचने कलेक्टर आई सामने….बोलीं लोगों को सतर्कता से चलाये मोबाइल

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बैकुंठपुर।

डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। आए दिन लोग फिशिंग, मोबाइल से कम समय में अधिक पैसे देने की लालच, मोबाइल में बच्चों के अपराध में संलिप्त होने की गलत जानकारी, आधार नम्बर, पेन नम्बर, ओटीपी नम्बर मांगने, नकली ऑफर्स और वीडियो वेरिफिकेशन स्कैम आदि का शिकार हो रहे हैं।

आज विकासखण्ड मुख्यालय सोनहत के सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय मेगा बैंक लिंकेज एवं क्रेडिट कार्यक्रम में कलेक्टर कोरिया चन्दन त्रिपाठी ने मोबाइल से ठगी व ऑनलाइन फ्राड से आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि अपराधियों द्वारा ठगने के नए-नए तरीके अपनाते हैं और इससे बचने के लिए आपके पास सही जानकारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा मोबाइल में आए दिन आधार नम्बर, केवायसी, पेन नम्बर, ओटीपी, खाता नम्बर आदि जानकारी मांगते हैं और उत्सकुतावश या गलती से दे देते हैं और आपके खातों से जमा की गई रकम तुरंत निकाल लेते हैं, जबकि कोई भी बैंक इस तरह से जानकारी नहीं लेते, ऐसे समय में सावधानी बहुत जरूरी है।

बैकुंठपुर स्थित स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक ने भी मोबाइल व ऑनलाइन ठगी से बचने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए और साइबर धोखाधड़ी, जैंसे संदिग्ध कॉल या ईमेल पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

बता दें सरकार और साइबर एजेंसियां लगातार नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास कर रही हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि जागरूक रहें और साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचें।

साइबर अपराध के तरीके व सावधानियां

विशेषज्ञों के अनुसार, ठग अब मोबाइल सेवा नवीनीकरण, केवाईसी अपडेट और वीडियो वेरिफिकेशन जैसे बहानों से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार ये अपराधी नकली वेबसाइट्स बनाकर पीड़ितों को उनकी संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए मजबूर कर देते हैं।

किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट को अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड न दें। वेबसाइट की जांच करें। केवल पहचान वाले पते पर भरोसा करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए, तो उसे अनदेखा करें।

क्या करें अगर ठगी का शिकार हों

यदि आप ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम, स्थानीय पुलिस थाना में जानकारी दें। त्योहारों के समय में साइबर अपराधी नकली ऑफर्स और लॉटरी जैसे प्रलोभनों के जरिए लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल आधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

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