जिला पंचायत में भाजपा का रास्ता साफ……जनपद बैकुंठपुर में गोडवाना किंग मेंकर
04 मार्च को जनपद और 05 को जिला पंचायत का चुनाव
बैकुंठपुर।
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम भी घोषित हो गए हैं। अब जिला और जनपद पंचायतों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड तोड शुरू हो गई है। नतीजे आते ही अब दलो के नेताओं ने जोड़-तोड़ की कवायद शुरू कर दी है। कोरिया जिले में जिला पंचायत में भाजपा को बढत साफ नजर आ रही है जहा उसके पॉच समर्थित जीते तो एक र्निदलिय भाजपा से ही है जबकि कांग्रेस के एक मात्र जिला पंचायत सदस्य को भी भाजपा ले उडी और भाजपा में शामिल करा लिया।
वही पर जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए घमासान शुरू हो गया है। बीजेपी जहां पर भी जीत का दावा कर रही है वहीं इसके लिए कांग्रेस भी पीछे नहीं है कांग्रेस ने भी बीजेपी से ज्यादा सीटें लाने का दावा कर दिया है।
जिलों में निर्दलियों ने दोनों ही पार्टियों का समीकरण बिगड़ रहा है, वहां पार्टी के नेता और दावेदार निर्दलियों को मनाने में जुटे हुए हैं।
04 मार्च को जनपद सदस्य चुनेंगे अध्यक्ष
मिली जानकारी के अनुसार कोरिया जिले की जनपद पंचायत में अध्यक्ष के चुनाव के लिए मार्च के प्रथम सप्ताह में होगा। जानकारी के अनुसार कोरिया जिले में दोनो जनपदो में 04 फरवरी को होना है। बैकुंठपुर जनपद की बात करें तो इसमें परिसीमन के बाद बने 25 जनपद सदस्यों की संख्या के लिए चुनाव कराया गया । जिसमें भाजपा समर्थित लगभग 10 लोगों ने चुनाव जीता है वहीं पर कांग्रेस के 7 से 8 लोगों ने चुनाव जीता जबकि गोंडवाना के लगभग पांच लोगों ने जनपद बैकुंठपुर चुनाव में जीत हासिल किया है। इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए गोंडवाना के समर्थन के बिना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है इसी की जोड़-तोड़ में दोनों प्रमुख दलों के लोग अपनी कवायद तेज कर रखा हैं अब देखना होगा कि 4 मार्च को जनपद बैकुंठपुर की क्या स्थिति होती है और किस जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की कुर्सी प्राप्त होती है।
जिला पंचायत में भाजपा का रास्ता साफ
कोरिया जिला पंचायत के 10 सीटों में से 05 सीटों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने पहले ही जीत हासिल कर लिया था जबकि एक भाजपा समर्थित उम्मीदवार र्निदलिय के तौर पर जीत हासिल किया है तो भाजपा की अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की पद पर मजबूत हो जाती है इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस समर्थित एकमात्र जिला पंचायत सदस्य को भी भाजपा में शामिल करा लिया और अपने लिए जिला पंचायत का रास्ता साफ कर लिया है।
सबकी कावायद हुई तेज
जिला बनने के बाद जिले के पूरे ग्रामीण क्षेत्रों का बागडोर संभालने के लिए हर कोई बेताब है। भाजपा अधिक सीट पर कब्जा जमाकर अध्यक्ष पद को हासिल करना चाह रही है। वहीं कांग्रेस अपनी साख बचाने के लिए मशक्कत कर रही है। भाजपा को सबसे ज्यादा खतरा क्रास वोटिंग से है। जनपद पंचायत में इसका असर देखने को भी मिल सकता है। भाजपा किसी भी स्थिति में नहीं चाह रही है कि जनपद में भी क्रास वोटिंग हो, इसलिए पहले से ही अपने सदस्यों को निगरानी में ले लिया है। यहां तक की सदस्यों के मोबाइल पर भी पहरे लगा दिये है। वहीं कांग्रेस भी हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
गोडवाना ही करेंगी हार-जीत का फैसला
जनपद पंचायत बैकुंठपुर के 05 क्षेत्रों में गोडवाना ने जीत हासिल की है। ऐसे में अभी स्पष्ट नहीं है कि किस राजनैतिक पार्टी से और कौन अध्यक्ष बनेगा। अभी सिर्फ कयासों का दौर चल रहा है। भाजपा-कांग्रेस गोडवाना व निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने के लिए कवायद कर रहे हैं। अंतिम दौर में पार्टी प्रमुख सदस्यों के सीधे संपर्क में हैं। इतना जरूर है कि गोडवाना व निर्दलीय ही अध्यक्ष की कुर्सी तय करेंगे।
परदे के पीछे है कांग्रेस-भाजपा के उम्मीदवारों के नाम
जिला पंचायत व जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के लिए कांग्रेस-भाजपा की प्रदेश स्तरीय समिति में नाम चयन कर लिया गया है लेकिन यह परदे के पीछे रखा गया। पार्टी प्रदेश स्तरीय समिति ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति एक सप्ताह पहले ही कर ली है। भाजपा व कांग्रेस पर्यवेक्षक अपने सदस्यों के संपर्क में हैं। जबकि भाजपा गोडवाना व निर्दलीय को रिझाने के प्रयास में लगे हुए हैं।

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