मुख्यमंत्री कन्या विवाह में भेदभाव……वीआईपी के लिए कुर्सी और परिजनो को जमीन पर खिलाया
वीआईपी कल्चर ग्रस्त महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी ने किया भेदभाव
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ की डबल इंजन सरकार में लगातार एक के बाद एक बड़े मामले सामने आ रहे है। सरकार सुशासन की बात तो करती है लेकिन धरातल पर सभी दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। कोरिया जिले के पटना में आयोजित महिला बाल विकास विभाग परियोजना बैकुंठपुर अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अर्तगत शासन की सबसे महत्वाकाक्षी योजना सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर पटना में किया गया ।
जहां एक ओर मौसम विभाग की चेतावनी को दरकिनार करते हुए बारिश से बचने की ठिक व्यवस्था नहीं की गई थी वहीं पर दूसरी ओर कार्यक्रम में व्यवस्था का आलम यह रहा है कि वैवाहिक जोड़ो ने भी शिकायत की कि उन्हें नाश्ता और भोजन तक नहीं उपलब्ध कराया गया । इसी तरीके कई अव्यवस्थाओं को कार्यक्रम के दौरान देखा जा सकता था जहां पर बारिश की पूर्व सूचना के बावजूद भी व्यवस्थापकों ने बारिश से निपटने के लिए इंतजाम तक नहीं किए थे।
लोगो को बारिश के बाद किचड और जमीन पर बैठ कर भोजन करते लोगो को देखा जा सकता है। लोगो ने बताया कि टेबल कुर्सी पर उन्हे यह कहकर बैठने नही दिया गया कि उसमें वीआईपी लोग बैठेगें। इसके बाद भी कार्यक्रम स्थल पर काफी अव्यवस्था देखी गई। विवाह करने आए जोड़े इधर-उधर भटकते नजर आए।
निर्धारित समय से विवाह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे विलंब से प्रारंभ हुआ। जोड़े एवं उनके परिजन नाश्ते एवं भोजन पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं मिलने से परेशान नजर आए। बताया जा रहा है कि व्यवस्था के नाम पर जोड़ों और परिवार के लोगों को परेशानी का सामना करते देखा गया।




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