ताकि भविष्य संवारा जा सकें…….जिला जेल बैकुंठपुर में बंदियों को मिला कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण

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निश्चय कार्यक्रम के तहत 32 बंदियों को कौशल विकास से जोड़कर पुनर्वास की दिशा में पहल

बैकुंठपुर।

जिला जेल बैकुंठपुर में बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत 10 मार्च से 22 मार्च 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैकुंठपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को कृषि उद्यमी बनने हेतु विभिन्न व्यावहारिक और वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान की गईं। इसमें मिट्टी परीक्षण, पोषक तत्वों की पहचान, पीएच मान जांच, गोबर से खाद निर्माण, वर्मीकम्पोस्ट, जीवामृत एवं ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उर्वरक और कीटनाशक बनाने की विधियां सिखाई गईं।

इसके साथ ही भिंडी, करेला, लौकी, टमाटर जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती, नर्सरी प्रो-ट्रे में बीज उगाने की तकनीक तथा फसलों को रोगों से बचाने के उपायों का भी प्रशिक्षण दिया गया। बंदियों को बकरी पालन, मछली पालन और मुर्गी पालन का बेसिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

इस प्रशिक्षण में कुल 32 बंदियों ने भाग लिया। साथ ही कृषि संबंधी ऋण और बीमा की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशिक्षण के सफल संचालन में सहायक जेल अधीक्षक एस.के. आबिद रजा एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैकुंठपुर के डायरेक्टर महती बनरा का विशेष योगदान रहा।

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