महलपारा में नाली निर्माण बनी मुसीबत, सड़क किनारे डली मिट्टी से आवागमन ठप
प्राक्कलन के नियमों की अनदेखी का आरोप, आठ दिन बाद भी नहीं बना वैकल्पिक मार्ग; जलभराव से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा
बैकुंठपुर ।
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के महलपारा वार्ड क्रमांक-9 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। वार्डवासियों ने निर्माण कार्य में लापरवाही, प्राक्कलन के नियमों की अनदेखी तथा लोगों की सुविधा की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नाली की खुदाई से निकली मिट्टी को नियमानुसार निर्धारित स्थान पर डंप करने के बजाय सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है, जिससे सड़क संकरी हो गई है और लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नाली निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी को प्राक्कलन के अनुसार लगभग 100 मीटर दूर निर्धारित स्थान पर ले जाकर फेंका जाना चाहिए, ताकि सड़क बाधित न हो और नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। लेकिन ठेकेदार द्वारा पूरी मिट्टी निर्माण स्थल के पास ही डाल दी गई है। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा मिट्टी से घिर गया है और पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वार्डवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन लोगों के आवागमन के लिए कोई अस्थायी या वैकल्पिक मार्ग भी नहीं बनाया गया। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को कीचड़ और फिसलन के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश के कारण मिट्टी पूरी तरह दलदल में बदल गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
आठ दिन बाद भी नहीं हो सकी व्यवस्था
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित नगर पालिका अधिकारियों और ठेकेदार को मौखिक रूप से दी जा चुकी है। इसके बावजूद करीब आठ दिन बीत जाने के बाद भी न तो सड़क किनारे पड़ी मिट्टी हटाई गई और न ही लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाया गया। इससे वार्डवासियों में प्रशासन और ठेकेदार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जलभराव से बढ़ेगी जल जनित बीमारियॉ
निर्माण स्थल के समीप एक मकान के सामने खुदाई के कारण बने गड्ढे में लगातार बारिश का पानी जमा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से पानी भरा होने के कारण वहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव नहीं हटाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जागरूकता अभियान के बीच उठे सवाल
इन दिनों जिला प्रशासन डेंगू एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चला रहा है। लोगों से घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जलभराव नहीं होने देने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की जा रही है। ऐसे समय में जिला मुख्यालय के एक प्रमुख वार्ड में निर्माण कार्य के कारण जलभराव और अव्यवस्था बने रहने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नियमों के पालन की मांग
वार्डवासियों ने मांग की है कि नाली निर्माण कार्य प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए। सड़क किनारे डाली गई मिट्टी को तत्काल हटाकर निर्धारित स्थान पर डंप किया जाए तथा निर्माण अवधि तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाया जाए। साथ ही जलभराव वाले गड्ढों को भरकर मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, लेकिन यदि निर्माण कार्य ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाए और निर्धारित नियमों का पालन न किया जाए, तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। अब वार्डवासी उम्मीद कर रहे हैं कि नगर पालिका प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके और निर्माण कार्य भी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा हो।


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