दी श्रद्धांजलि—पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने मिनीमाता को किया याद; पति के साथ राष्ट्रीय आंदोलन, दलितों के उत्थान और समाज सुधार गतिविधियों में भागीदारी की
बैकुंठपुर।
बैकुंठपुर के जिला कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता की उपस्थिति में मिनीमाता की पुण्यतिथि मनाई गई। पुण्यतिथि पर ममतामयी मिनीमाता के महिलाओं व देश के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। साथ ही बहुत ही कम उम्र में देश के प्रति कुर्बान होने वाले महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष श्री गुप्ता ने कहा कि ममतामयी मिनीमाता का जन्म वर्ष 1913 में असम के नुवागांव के ग्राम जमुनामुख में हुई थी। इनका मूल नाम मीनाक्षी व माता का नाम मतीबाई था। इनका विवाह छत्तीसगढ़ के एक सतनामी समाज के गुरु अगमदास हुआ। विवाह के बाद पति के साथ राष्ट्रीय आंदोलन, दलितोत्थान और समाज सुधार गतिविधियों में भागीदारी की। वर्ष 1952 पति की मृत्यु के बाद रिक्त संसदीय क्षेत्र सारंगढ़ के उपचुनाव में विजयी होकर छत्तीसगढ़ क्षेत्र की प्रथम महिला सांसद बनी।
उन्होने कहा. कि वर्ष 1952 से 1972 तक लोकसभा में सारंगढ़, जांजगीर तथा महासमुंद क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंडल की मिनीमाता अध्यक्षा रहीं। छत्तीसगढ़ कल्याण मज़दूर संगठन जो भिलाई में है, उसकी संस्थापक अध्यक्षा रहीं। 11 अगस्त 1972 को भोपाल से दिल्ली जाते हुए पालम हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में मिनीमाता की मृत्यु हो गई। छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी स्मृति में महिला उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता सम्मान वर्ष 2001 में किया है।


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