लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के तहत विशाल पदयात्रा
लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है-राजेश अग्रवाल
बैकुंठपुर।
जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका कॉम्पलेक्स परिसर मे देशव्यापी लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओं के तहत विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मंे मुख्य रूप से छ.ग.शासन मंे मंत्री राजेश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी, सहकारी बैंक सरगुजा उपाध्यक्ष जगदीश साहू, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बसंत राय, रविशंकर राजवाड़े, अनिल साहू उपस्थित रहें।
इस अवसर पर कैबीनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, 25 जून 1975 में इंदिरा गांधी की सरकार के समय देश में आपातकाल लगाया गया। विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियाँ हुईं, नागरिक स्वतंत्रताओं पर पाबंदियाँ लगीं और अखबारों पर सेंसरशिप थोपी गई। कांग्रेस आज संविधान की रक्षा की बात करती है, तो उसे इस इतिहास पर भी स्पष्ट जवाब देना होगा। संविधान हाथ में लेकर मंच पर खड़े होना आसान है, उसके सामने अपने राजनीतिक इतिहास का हिसाब देना कठिन है! मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछना चाहता हूँ क्या आपातकाल में जेल भेजे गए लोगों के अधिकार, अधिकार नहीं थे?
उन्हांेने कहा कि, लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और अधिकारों का आधार है। लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और जागरूकता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने कहा कि, भारत की जनता अपने विवेक से निर्णय करती है, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 और कांग्रेस को 99 सीटें मिलीं। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस को भी जनता ने विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। दोनों पक्षों को मिले जनादेश का सम्मान होना चाहिए। हम कांग्रेस से पूछते हैं आप जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए अपने काम और नेतृत्व की समीक्षा करेंगे या हर बहस को मोदी-विरोध तक सीमित रखेंगे?।
उन्हांेेने कहा कि, लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा समाज में सकारात्मक राजनीतिक संवाद को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जिले के सभी कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से लोकतंत्र की मजबूती के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।




+ There are no comments
Add yours