तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कभी गर्मी और कभी बारिश के कारण गले में खराश, सर्दी-जुखाम की समस्या इन दिनों कई लोगों को हो रही है। यह समस्या उन्हें ज्यादा हो रही है जो पहले से दमा पीडित हैं। चिकित्सकों के पास अस्थमा और एलर्जी के रोगी इन दिनों खासी संख्या में आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो उनके पास आने वाले कुल रोगियों में से करीब 30 प्रतिशत मरीज साइनेसाइटिस वाले हैं। इन समस्याओं से ग्रसित लोगों के मन में कोरोना संक्रमण का भय भी बना हुआ है। चिकित्सकों का कहना है कि यह समस्या कोरोना नहीं लेकिन निदान के लिए सजग रहें कि समस्या का निदान जल्दी हो जाए। यदि सर्दी-खांसी सात दिन से अधिक रहे या इसके साथ बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द हो तो कोताही न बरतें।
डाक्टरो की माने तो के अनुसार इन दिनों अस्थमा, एलर्जी के मामले ज्यादा आ रहे हैं। यह मौसमी समस्या है। साइनेसाइटिस के मरीज सामने आ रहे हैं।
सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार डा. पिं्रस जायसवाल कहते हैं कि सर्दी-खांसी, डेंगू-मलेरिया, चिकनगुनिया इस मौसम में होना आम है। और इनका सीधा संबंध कोरोना से नहीं है पर सावधानी रखना जरूरी है। सावधानी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए रखना होगी। जब भी कोई रोग होता है तो रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और उससे कोरोना या अन्य संक्रमण के होने का अंदेशा बढ़ जाता है। जुलाई से दीपावली तक के मौसम में शरीर का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इस दौरान मौसमी रोग बहुत होते हैं पर इसका अर्थ यह नहीं कि आप कोरोना को नजरअंदाज कर दें। अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है इसलिए किसी भी तरह के संक्रमण को नजरअंदाज न करें। सर्दी-खांसी, बुखार हो तो जांच जरूर कराएं।
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