लापरवाही पर 2 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त और 4 सेक्टर सुपरवाइजरों की दो-दो वेतन वृद्धि रोका………….

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Baikunthpur @ Tahkikat News

सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता के लिए जिले चार सेक्टर सुपरवाइजरों की दो-दो वेतनवृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी कर चुके हैं। इसके साथ ही कलेक्टर के निर्देश पर परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनहत द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र हरिजनपारा, सोनहत की कार्यकर्ता मीरा चौधरी और आंगनबाड़ी केंद्र खजूरपारा, सलगवांकला की कार्यकर्ता संगीता सोनवानी को पद से बर्खास्त कर दिया गया है।

गैरहाजिर व लापरवाही सहित वित्तीय अनियमितता पर 7 दिन में जवाब नही तो कार्यवाई


कलेक्टर कोरिया ने एकीकृत बाल विकास परियोजना मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत सेक्टर पर्यवेक्षक नागपुर सरिता राठौर को कार्य मे गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता बरतने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उल्लेखनीय है कि कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना मनेन्द्रगढ़ ने सेक्टर पर्यवेक्षक नागपुर सरिता राठौर को बिना पूर्व सूचना के 3 नवंबर 2020 से 15 नवंबर 2020 तक मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर चेतावनी पत्र जारी किया गया एवं स्पष्ट निर्देशित किया गया कि भविष्य में इस प्रकार के कृत्य की पुनरावृत्ति पाये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगी। परंतु इसके उपरांत भी राठौर 23 अगस्त 2021 से 28 अगस्त 2021 तक बिना पूर्व अवकाश स्वीकृति के अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रही। जिस कारण उनके द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया गया, आंगनबाडी केंद्रों से संचालित विभागीय योजनाओं की जमीनी स्तर पर जानकारी नहीं लिया गया, आंगनबाडी केंद्र माझापारा के आंगनबाडी कार्यकर्ता की अनुपस्थिति के दौरान उसका माह अगस्त 2021 का मानदेय पत्रक अनुचित रूप से भरकर जमा किया गया, गर्म भोजन सामग्री प्रदायकर्ता समूहों पर नियंत्रण नहीं रखा गया, महामाया महिला बचत समूह महराजपुर रेडी-टू-ईट उत्पादन ईकाई के कार्यों पर नियंत्रण नहीं रखा गया एवं वित्तीय अनियमितता प्रदर्शित की।
कलेक्टर ने जारी नोटिस में कहा कि अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे गंभीर अनियमितताएं प्रदर्शित की गई हैं। वित्तीय औचित्य के मानक सिध्दान्तों की अवहेलना एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1985 के नियम 03 एवं 07 का उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों ना की जाए, इसके संबंध में राठौर को 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके विरूध्द एकपक्षीय कार्यवाही की जायेगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राठौर की होगी।

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