भाजपा नेता व पूर्वमंत्री भैया लाल राजवाडे ने राज्य में यूरिया और डीएपी की मुनाफाखोरी में सरकार का हाथ होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि 266 रुपये का यूरिया 800 रुपये तथा 1200 रुपये का डीएपी 1800 रुपये में किसकी कृपा से बेचा जा रहा है। खाद की कमी का रोना रोने वाले खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करवा रहे हैं। दिखावे के लिए कहीं तीन दिन के लिए लाइसेंस निलंबित किये जा रहे हैं तो कहीं हफ्ते भर के लिए। जबकि इन्हें एक माह के लिए निलंबित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद को किसान और अपनी सरकार को किसानों की सरकार बताने का स्वांग करते हैं जबकि छत्तीसगढ़ का किसान भूपेश बघेल की सरकार में सबसे ज्यादा त्रस्त है। उनका धान खरीदने में आनाकानी की जाती है। अधिक धान तौलवाकर किसान को लूटा जाता है। रास्ते में आरटीओ के जरिये वसूली की जाती है। लक्ष्य से कम धान खरीदी की जाती है। फसल बर्बाद होने पर उचित मुआवजा नहीं मिलता। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मुआवजा देने एक पैर पर खड़े हो जाते हैं। बॉर्डर से लगे इलाकों में बम्पर खरीदी होती है। यह छत्तीसगढ़ के किसान के साथ घोर अन्याय है। घनघोर अत्याचार है।
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