डब्ल्यूएचओ द्वारा संचालित देशभर में पल्स पोलियो अभियान का संचालन पोलियो महामारी के पूर्णता खात्मे के लिए किया जा रहा है । किंतु कोरिया जिले में इसमें बड़ी खामियां देखने को मिल रहे हैं । बुद्धवार को डब्ल्यूएचओ की ओर से अंबिकापुर के कुछ स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा जिले के बैकुंठपुर के ईट भक्त सहित अन्य स्थानों पर जांच करने के दौरान चौकाने वाले नतीजे सामने आने की बात कही। जहां पर उनकी जांच में पाया गया कि अधिकार ईट भटटो में आधे से भी कम बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई गई है । पोलियो जैसे महामारी को पूर्णता समाप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार के द्वारा चलाए जा रहे हैं इस पल्स पोलियो कार्यक्रम में जिस तरीके की लापरवाही इस बार देखने को मिली है वैसा इससे पूर्व देखने को कभी नहीं मिलने की बात कही जा रही है। इसके लिए जहां अंबिकापुर से आये जांच में कर्मचारियों ने अपना नाम और पद का परिचय तो नहीं दिया किंतु उन्होंने यह जरूर कहा कि इस तरीके के नतीजे बेहद चौंकाने वाले हैं और यह लगभग सभी ईट भट्टों में देखने को मिल रहे हैं जहां पर 0 से 5 वर्ष तक के आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाना था उसमें 50 के 60 फिसद बच्चों को पोलियो ड्राप नहीं पिलाई गई है । बेहतर होगा की पोलियो उन्मूलन में जिन जिम्मेदारो के द्धारा गैरजिम्मेदाराना रवैया अपना कर सरकार के कार्यक्रम को असफल बनाने का प्रयास किया है उनकी जॉच कर सत्य पाने जाने पर कार्यवाई भी की जाये। जिससे आने वाले जीवन सक्षक कार्यक्रमो में कोताही देखने को न मिले । कोरोना वैकिनेशन से लेकर विभिन्न शासकिय कार्य्रकमो में बैकुन्ठपुर ब्लाक अधिकारी को कोरिया कलेक्टर के द्धारा पिछले दिनो फटकार लगाये जाने के बाद भी लगता है कि इन पर कोई असर नही हुआ है।
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