मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सख्ती का कोरिया जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर कोई असर नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि महिने बीते जाने के बाद भी रेत माफिया अवैध उत्खनन के साथ ही गित 8 महिनो से खुलेआम मनमाने रेत के कीमत वसुल रहा है। प्रषासनिक सख्ती नही होने के कारण रेत की कीमतें दो से तीन गुना बढ़ा दी गई है। इधर, जिला प्रशासन और खनिज अमला रेत खनन स्थल में जाना तक की जहमत नही उठा रहा है। जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड रहा है। प्रदेश सरकार ने सभी कलेक्टरो को सख्त निर्देश देने के बाद भी रेत उत्खनन स्थालो पर जिले में गहमागहमी कम नही हुई । दूसरी ओर रात में खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन अब भी जारी है।
आम लोगो का लूटा जा रहा
लूट का आलम यह है कि बैकुंठपुर शहर में 1200 में बिकने वाला रेत अब प्रति ट्रैक्टर ₹3000 बिक रहा है वहीं पर 909 वाहन में 200 वर्ग मीटर रेत जहां पहले ₹2000 में मिल रहा था वहीं अब इसे 4 हजार में बेचा जा रहा है।
कर दिया नदी नालो का सीना छलनी
हालत यह हो गई है कि 6 से 8 महीने के अंदर में इन रेत के अवैध ठेकेदारों के द्वारा कई नदियों को बंजर बना दिया गया है । उसमें अब सिर्फ पत्थर के टूकडे ही नजर आ रहे हैं । अंबिकापुर रोड में डुमरिया नाले का भी यही हाल है अब नाम आते ही रेत बचा है वहीं पर पिपरा में भी इन माफियाओं ने नदी का हाल बेहाल कर दिया । दूसरी ओर सोनहत एवं चिरमी से इन ठेकेदारों द्वारा इस तरीके से रेत का दोहन किया जा रहा है ।
ठेकेदार ने दिखाया नियम को ठेंगा
शासन के नियमावली में ठेकेदार को रेत उठाने की सीमा तय है । इन सब नियम कायदों को दरकिनार करके सारा खेल किया जा रहा है एवं बैकुंठपुर क्षेत्र से प्रतिदिन सैकडों की तादाद में बड़े वाहनों को आधी रात में उत्तर प्रदेश के लिए रेत भरकर रवाना किया जा रहा है।
भाजपा के अचनाक मौन पर सवाल
बीते दिनों भाजपा के द्वारा हो हल्ला मचाने के बाद इस पर थोड़ा सा अंकुश लगा था किंतु अब भाजपा ने भी इस पर कुछ बोलना बंद कर दिया है । खबरें तो यहां तक है कि भाजपा के बड़े नेता को रेत माफिया के द्वारा मोटी राशि देकर मैनेज कर दिया गया । अब इसमें कितनी सच्चाई है इस बात की पुष्टि तो हम नहीं कर सकते किंतु जानकार हलकों में इस तरह की चर्चा आम है। इस बात संभावना इसलिए भी प्रबल लगती है कि बीते महीनों में बैकुन्ठपुर के भखार में रात में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन कर उत्तर प्रदेश जाने वाले रेत के ट्रकों को रोका गया था। जिसके बाद बीजेपी अचानक शांत पड़ गई।
ठेका 2 स्थानो पर मलिक पूरे क्षेत्र के
गौरतलब हो कि बैकुन्ठपुर क्षेत्र में चिरमी एवं सोनहत में दो स्थानों पर खनन के लिए ठेकेदार को ठेका दिया गया है। जबकि उक्त ठेकेदार द्वारा समस्त क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की रेत उत्खनन निजी अथवा शासकीय कार्यों में होने वाले रेत की जरूरतों पर लाने ले जाने पर अपनी खुद की टास्कफोर्स बनाकर लगातार कार्रवाई कर रहे है।
वाहनो वालो से लगातार हो रही झडपें
जिसका विरोध वाहन चालक संघ के द्धारा किया था किंतु इस इस बात से ठेकेदार को कोई फर्क नहीं पड़ता । अब देखना यह होगा कि इस तरीके की मनमानी और गुंडागर्दी करने वाले रेत माफिया पर जिला प्रशासन आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की सख्ति करता भी है या नहीं । जिले में प्रदेश के मुखिया के आदेशों की अवहेलना सरेआम होने के बावजूद सत्तारूढ़ दल का अपने मुंह पर पट्टी बांध लेना लोगों को हजम नहीं हो रहा है।
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