रोजाना 5 लाख से अधिक कोयले की चोरी का अनुमान
क्षेत्र में आजकल अवैध कारोबारियों ने कब्जा जमा लिया। जहां भोले-भाले ग्रामीणों को थोड़े पैसे की लालच देकर उनसे अवैध खनन कराया जा रहा है तो वहीं इन माफिया द्वारा लाखों की चांदी काटी जा रही है। उनके इस कृत्य पर प्रशासन मौन धारण कर बैठा हुआ। कोयलांचल क्षेत्र में कोयले का अवैध कारोबार एक बार फिर अपनी जड़े जमाने लगा है। अवैध कोयले का गढ़ कहे जाने वाला बैकुन्ठपुर के पटना क्षेत्र का पूटा इन दिनों कोयले का अवैध खनन एवं परिवहन अपने चरम पर है। यही कारण है कि इ क्षेत्र में सुुरंग बनाकर आस पास के सैकड़ो ग्रामिण अपनी जान जोखिम में डाल कर कोयले की चोरी करने सुरंग में उतरते है। बताया जाता है की यह अवैध कारोबार अब संगठित रूप लेता जा रहा है। जहां से प्रतिदिन कई टन कोयले की चोरी की जा रही है। मजदूरों के माध्यम से एकत्रित कोयला यहां से पिकअप के माध्यम से क्षेत्र के ईंट भट्टो तक पहुंच रहा है।
ऐसे होती है कोयले की तस्करी
मजदूरों के माध्यम से खदान में अवैध कोयले का खनन किए जाने के उपरांत यह कोयला कोल माफिया के हाथ लग जाता है। जिसके बाद यह कोयला पिकअप के माध्यम से ईट भटटो तक रात भर आसानी से पहुंचता है ।
सफेदपोशों की हिस्सेदारी से भी फल फूल रहा कारोबार
बताया जाता है पूटा में सूंरग बनाकर कोयला निकलने वाले अवैध कोयले में आधा दर्जन कोयला माफिया सक्रिय है। इनके इस कारोबार किसी भी प्रकार का व्यवधान ना आए इसके लिए यह क्षेत्र के कुछ सफेदपोश नेताओं का साथ लेते हैं जिसकी होने वाली कमाई मेपूटा में भी कोयला निकलने वाले अवैध कोयले में आधा दर्जन कोल माफिया सक्रिय हैं जिनको क्षेत्र के महामहिमो का भी संरक्षण प्राप्त है। जिसके कारण पुलिस प्रशासन भी इस अवैध करोबार पर तिरछी न जर डालने से परहेज कर रही है। जिसके चलते यह कारोबार दिन दुगनी रात चौगुनी फैलते जा रहा।
अवैध कोयला उत्खनन ले रहा ग्रामीण की जान – देवेन्द्र तिवारी
कोरिया जिले के भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बैकुन्ठपुर के ग्राम पूटा के फॉरेस्ट एरिया में कोयले की कई अवैध खदानें चल रही हैं, इन खदानों में बेबस, लाचार मजदूरों का उपयोग बाहर के रुरसूखदार अवैध कोयला कारोबारी कर रहे हैं। कई ग्रामीण पहले भी खदानों में दब कर मृत हो गए हैं। कुछ दिनो पहले भीएक व्यक्ति कोयला खनन करते हुए दब कर मौत के मुंह मे समा गया। मैंने स्वयं अवैध खदान को देखा। ग्रामीणजन ने यहां पर और बड़ी घटना की आशंका जाहिर की है। किंतु जिला प्रशासन इस मामले को गम्भीरता से लेता हुआ नहीं दिख रहा है। जनप्रतिनिधियों का मौन बड़े शणयंत्र की ओर इशारा करता है। मामला काफी संवेदनशील है। कृत्य मानवता के खिलाफ। हम जिला प्रशासन से बात करेंगे। शोषण और अत्याचार का अध्याय खत्म करने के लिए आमजनो का सहयोग भी लेंगे।
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