नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों का स्वागत करने के लिए कोरिया जिले के 15 से ज्यादा शासकीय स्कूल नई चमक-दमक के साथ तैयार हैं। जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिले। जिला शिक्षा अधिकारी की माने तो इससे बच्चों को नया और अच्छा वातावरण देने के लिए स्कूलों में रंग-रोगन किये गए हैं। सभी स्कूल बच्चों के स्वागत के लिए तैयार हैं। हमारा प्रयास है कि नए माहौल में बच्चे नई ऊर्जा और उमंग के साथ पढ़ाई करें। इस क्रम में जिला मुख्यालय के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कटकोना विकासखडं बैकुठपुर स्कूल की दशा बिल्कुल बदल गई है। माध्यमिक शाला तुम्मीबारी और माध्यमिक शाला चिरगुड़ा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रनई से लेकर दूरस्थ क्षेत्र भरतपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बिहारपुर तक 15 से ज्यादा स्कूलों को नया रूप मिला है। जिले में 954 प्राथमिक शाला, 414 माध्यमिक शाला, 71 शासकीय हाई स्कूल और 75 शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल हैं। सुंदर रंग-रोगन के साथ ही स्कूलों में आवश्यक मरम्मत और संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्कूल खुलते ही पहुंचेंगे अफसर
नया शिक्षा सत्र 15 जून से शुरू होने जा रहा है। स्कूल खुलते ही शिक्षकों-विद्यार्थियों के साथ इस बार अफसर भी वहां पहुंचेंगे। वे स्कूल की व्यवस्था, शिक्षकों, बच्चों की उपस्थिति और सरकार की योजनाओं का निरीक्षण करने वाले हैं। इस दौरान वहां षिक्षक नहीं मिले तो कार्यवाही भी होगी। निरीक्षण के बाद अफसरों को हर स्कूल के बारे में एक रिपोर्ट पेश करना है। यह रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी, संयुक्त संचालक से होते हुए विभागीय सचिव तक जाएगी। स्कूल शिक्षा सचिव ने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 15 जून से 15 जुलाई 2022 तक शैक्षणिक संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने का निर्देश हुआ है।
महिने भर चलेगा निरिक्षण कार्य
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि सभी निरीक्षणकर्ता अधिकारी 15 जून से 15 जुलाई आकस्मिक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति का परीक्षण करेंगे। अनुपस्थित पाये जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करेंगे। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं जैसे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, निशुल्क गणवेश वितरण, निशुल्क साइकल वितरण, मध्याह्न भोजन, आरटीई के तहत प्रवेश, छात्रवृति, महतारी दुलार योजना, स्कूल भवन की स्थिति, शौचालय, बालवाड़ी केन्द्रों का संचालन आदि के क्रियान्वयन का परीक्षण करेंगे।
इन योजनाओं पर देना है ध्यान
अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है, इस दौरान माटी पूजन महाअभियान के अंतर्गत शाला परिसर में साग-भाजी के उत्पादन, आदर्श शौचालय पर ध्यान देना है। गौठानों व महिला स्व-सहायता समूहों की ओर मध्याह्न भोजन की सामग्री की आपूर्ति के लिए स्कूलों के लिंकेज आदि योजनाओं का निरीक्षण और मूल्यांकन जरूर करना है।
इन अधिकारियो को दी गई जिम्मेदारी
स्कूल शिक्षा विभाग के सभी संभागीय संयुक्त संचालक, अधीनस्थ उप संचालक, सहायक संचालक अपने कार्यक्षेत्र के जिलों में न्यूनतम 10-10 स्कूलों (हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल, मिडिल और प्राइमरी) का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। सभी जिला शिक्षा अधिकारी और अधीनस्थ सहायक संचालक, समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक, प्राचार्य डाइट न्यूनतम 10-10 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
- विकास खंड शिक्षा अधिकारी, विकास खंड स्रोत समन्वयक, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी भी अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत न्यूनतम 10-10 स्कूलों (मिडिल और प्राइमरी स्कूल) का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
हायर सेकेंडरी स्कूल के सभी प्राचार्य, संकुल समन्वयक अपने-अपने संकुलों में न्यूनतम 5-5 मिडिल और प्राइमरी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
समस्याओं को दूर कराने को भी कहा गया है।
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