हाल के दिनों में पड़ रही प्रचंड गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। सूर्याेदय होते ही धूप प्रचंड वेग से निकलती है जो दिनभर जारी रहती है। सुबह के 9 बजते-बजते जैसे आग बरसने लगती है। लोग छांव की तलाश में लगे रहते हैं। धूप के छत के गर्म हो जाने से घरों और दफ्तरों में लोगों को बेचौनी महसूस होती है। एसी तो थोड़ा बहुत सुकून पहुंचाती है लेकिन पंखे तो गर्म हवा ही छोड़ते हैं। दिन में छत इतनी तप जाती है कि रात को भी घर में झुलसाने वाली गर्मी रहती है। कई लोग तो शाम होने के बाद छतों पर पानी डालते हैं लेकिन वे भी बताते हैं कि इसके बाद भी रात को चैन से सो नहीं पाते हैं। बाजार में सुबह के समय थोड़ी चहल कदमी रहती है लेकिन 10 बजे के बाद सड़कें सूनी होने लगती हैं। मौसम के इस तेवर का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है।
खासकर बच्चों की परेशानी काफी बढ़ गई है। वायरल इंफेक्शन अधिक बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सको का कहना है कि तेज धूप में बाहर नहीं निकलें। बाहर निकलते समय ढीले सूती कपड़े पहने जिससे शरीर का अधिकांश अंग ढंका हो। सिर पर गमछा या टोपी रखें और धूप का चश्मा पहनें। अगर एसी में हो तो एकाएक खुली धूप में नहीं आएं। पानी खूब पीएं। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्मी के कारण लोग परेशान हैं। खासकर किसानों की परेशानी तो सिर चढ़कर बोल रही है।
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