संयुक्त राष्ट्र महासभा एजेंडा 2030 को पूरा करने ग्रीष्म कालीन अवकाश में जिले में प्रयास

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वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193वें शिखर सम्मेलन में सतत विकास के लिए 17 लक्ष्य व 169 उद्देश्य के साथ 2030 एजेंडा ( एसडीजी) की आधारशिला रखी गई। सतत विकासात्मक लक्ष्य का चौथा उद्देश्य गुणवत्ता परक शिक्षा के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से शा. प्रा. शाला डकईपारा बैकुंठपुर की शिक्षिका श्रीमती अर्पणा मिश्रा सकारात्मक प्रयास कर रही है। इसके तहत इन्होंने नियमित्त अलग-अलग मोहल्ले में जाकर पालकों के सहयोग से बच्चों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया से जोड़े रखा है। साथ ही सायं कालीन कक्षाओं के माध्यम से विद्यालय प्रांगण में बगैर किताबों के खेल-खेल में बच्चों में बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान विकसित करने में जुटी हुई है। ग्रीष्म कालीन अवकाश में भी बच्चे खेल के साथ शिक्षा से जुड़े रहें इसके लिए उन्होंने पालकों से संपर्क किया । पालक खुद भी चाह रहे थे कि हमारे बच्चे सतत शिक्षा से जुड़े रहें। इस तरह गत 11 मई से शाला स्तर पर समर कैंप का आयोजन लगातार जारी है ।


एसडीजी के अनुरूप पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्राकृतिक पदार्थों व ऊर्जा का उपयोग करते हुए बच्चों का विकास किया जा रहा है । भारतीय संस्कृति, परंपरा वा मूल्यों को बरकरार रखने हेतु व्यक्तित्व विकास किया जा रहा है। प्रार्थना, मंत्रोच्चारण के साथ योग, संस्कृत भाषा का ज्ञान, लोक गायन चित्रकारी, बागवानी, स्वच्छता, कराटे, नृत्य आदि की शिक्षा इस समर कैंप में दी जा रही है।
ज्ञात हो कि शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और रिसर्च व इनोवेशन पर केंद्रित करते हुए भारत में जी20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसके तहत देश में शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षाविदों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, सहयोग और साझेदारी में सर्वाेत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक मंच प्रदान किया जाएगा । शासन की ओर से ऐसे समृद्ध सहयोग के माध्यम से नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर राष्ट्रीय स्तर पर अनेक वेबीनार, सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे जो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में सकारातमक प्रयास है । अनजाने में ही सही प्रा. शा. डकईपारा का यह प्रयास जी 20 के लक्ष्य प्राप्ति की ओर एक सराहनीय कदम है ।

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