सेवा की मिशाल – 5 डाक्टरो सहित न्यू लाईफ के टिम ने सम्हाला जिला अस्पताल, दे रहे 24 घण्टे की सेवा

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जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का हड़ताल में जाने के बाद जिला अस्पताल बैकुनठपुर में चरमराई स्वास्थ्य सुविधाओ को एसईसीएल के 3 डॉक्टरों एवं जिला अस्पताल के 2 डॉक्टरों ने सेवा भाव की मिशाल प्रस्तुत की है। नतीजा रहा की हडताल में अस्पताल में भर्ती मरिजो सहित ओपीडी में अपने ईलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना उतना नही करना पडा जितनी संभावना जताई जा रही थी। वहीं पर न्यू लाइफ नर्सिंग की छात्राओं के द्वारा लगातार विगत 3 दिनों से अपनी सेवाएं जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर में दी जा रही है जिससे जिला अस्पताल में आने आने वाले मरीजों एवं भर्ती मरीजों की देखरेख की समस्या कम हो गई है । दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारियों के समर्थन में शुक्रवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों के द्वारा एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर अस्पताल में मरिजो को भवान भरोसे छोउ दिया गया। वही पर अवकाश पर जाने वाले अधिकांश डॉक्टरों को अपने घरों में मरिजो को देखते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान जहां इस आपातकालीन घड़ी में एसईसीएल के जिन तीन डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के ओपीडी को संभाला उसमें डॉक्टर रोहित डॉक्टर ऋचि एवं डॉक्टर अवधेश राजवाड़े प्रमुख रहे । तो जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर में इस विपदा की घडी में दो अन्य डॉक्टर मोहित व डॉक्टर श्रीनाथ लगातार 24 घंटे से अपनी सेवा देकर कुद लोगो को आईना दिखाया। जिनके भी सेवा भाव को लोगों के द्वारा खूब सराहा भी जा रहा है । जबकि उन डाक्टरों पर मरिजो के परिजनो के द्धारा कटाक्ष किया जा रहा है जो जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल के जाने के बाद खुद भी छुट्टी पर चले गए और अपने घरों में मरीजों को देखते रहे।

मासूम गले में फसा सिक्का अम्बिकापुर रिफर

जिला अस्पताल में सुबह के 11 बजे के लगभग दर्द से तड़पता नजर आ रहा 4 साल का मासूम जतिन के गले में सिक्का फस गया । जिसे एनसथिसिया के अभाव में बैकुन्ठपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए रिफर कर दिया। इस दौरान उसके माता पिता का रो रोकर बुरा हाल रहा। वही पर मासूम तडपता रहा।

गर्भवती महिलाएं लगातार होती रही हैं रिफर

जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर में पिछले ढाई दशकों से यह परंपरा रही है कि जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर से गर्भवती महिलाओं को सिर्फ रिफर किया जाता है अस्पताल के कुछ कर्मियो के द्धारा सेटिंग कर लगातार प्राइवेट अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए भेजा जाता रहा है । कई बार इसके साक्ष्य सामने आए किंतु कार्रवाई नहीं होने की वजह से ऐसे लोगों को संबल मिलता रहा है।

108 के भरोसे जिला अस्पताल के रेफर मरीज

जिला अस्पताल में ड्राइवरों के हड़ताल में जाने के कारण अस्पताल से रिफर होने वाले मरीजों के लिए 108 के जरिए गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है । इस दौरान 3 दिनों से रिफर होने वाले मरीजों को 108 की सेवा लेकर उन्हें बाहर भेजा जा रहा है।

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