बारिश के दिनो में सर्पदंश के मामले आना शुरू हो गए हैं। बैकुन्ठपुर के ग्राम सरडी में एक महिला को देर शाम घर में जहरीले सर्प ने डस लिया। जिसके बाद जिला अस्पताल पहुंचने के कारण उसकी जान बचाई जा सकी। महिला को रात 9 बजे परिजनो के द्धारा जैसे ही जिला अस्पताल लाया गया वैसे ही सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर, डीपीएम डॉ प्रिंस जायसवाल, जिला अस्पताल के सिनियर डॉ. अशोक सिंह एवं डॉ बंनसरिया तत्काल जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर पहुॅचकर सर्पदंश की शिकार महिला को उपचार दिया गया और उसकी जान बचाई। देखने में आता है कि सर्पदंश की ज्यादातर घटनाएं बारिश के मौसम में ही होती हैं। इसकी मुख्य वजह है सांपों के बिलों व उनके छुपने के स्थानों पर पानी भर जाता है। ऐसे में सांप छुपने के लिए जगह तलाशते हैं और वे घरों के अंदर भी आ जाते हैं। ज्यादातर सांप अंधेरे वाली जगह ढूंढते हैं। जहां बड़ी मात्रा में पत्थरों या लकडिय़ों का ढेर लगा हो। सामान्य ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास ऐसी स्थितियां रहती हैं जहां सांपों को छुपने महफूज जगह मिल जाती है। जब यहां ग्रामीण कोई सामान उठाने आते हैं तो वे सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं।
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