विधानसभा चुनाव के परिणाम आए लगभग एक महीने बीतने को हैं। सत्ता परिर्वतन के साईड इफेक्ट माने जाने वाले लोगों की शिकवा-शिकायतों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक दूसरे से व्यक्तिगत एवं जायज-नाजायज वजहो से लगातार लोग अपनी शिकायतें लेकर जनप्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियो के पास जा रहे हैं एवं अपनी झूठी-सच्ची दलीलें की अर्जी लेकर एक दूसरे पर कार्रवाई का मनुहार कर रहे हैं । एैसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है जब भी सत्ता एवं जनप्रतिनिधियों का परिवर्तन होता है तब इस तरह के दौर देखने को मिलते हैं। किंतु इस बार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से अब तक शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा । यही कारण है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी परेशान नजर आ रहे हैं हर कोई अपने को सत्ता पक्ष का नजदीकी बता रहा है इसी बात को लेकर कर्मचारियों में भय का वातावरण व्याप्त है । आने वाले दिनों में अब यह देखना होगा कि इस तरीके के गुहारे जिन्हे प्रशसन के आला अधिकारी 85 फिसद गलत मानते है एवं माना जाता है कि एैसा करके लोग सिर्फ अपनी व्यक्ति तृप्ति और दुशमनी को जनहित का नाम देकर करते हैं। अब आगे देखना होगा शिकायतो का दौरा कब खत्म होता है। अभी तो हर कोई शिकायत एवं सफाईयों को लेकर जनप्रतिनिधियों के चौखट से लेकर जिला प्रशासन के दप्तरो पर दस्तक दे रहा। दूसरी ओर पूर्व में भी इस तरह की चीजो को पलान्ट करा कर मोटी उगाही का माध्यम तक बनाया जाता रहा है। जो बात जनमानस के याददास्त से बाहर नही है। जानकारो की माने तो इस समय हर दिन अलग-अलग स्थानो पर 500 से अधिक शिकायते पहुॅच रही है। इन शिकायतो की सत्यता जॉच कर कार्यवाई करना होगा अन्यथा आने वाले दिनो में वर्तमान सरकार पर भी पिछली सरकार की तरह कार्य करने का आरोप लगेगा।
as

+ There are no comments
Add yours